गुजरात की तर्ज पर यूपी में भी आईबी के आतंकी चेहरे को बेनकाब करेगा रिहाई मंच
गुजरात की तर्ज पर यूपी में भी आईबी के आतंकी चेहरे को बेनकाब करेगा रिहाई मंच
सपा के संरक्षण में पल रहे भगवाधारी वरुण गांधी को जेल जाना ही होगा- रिहाई मंच
बाइसवें दिन भी जारी रहा खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आईबी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिये रिहाई मंच का अनिश्चित कालीन धरना
नई दिल्ली/ लखनऊ। बताया जाता है कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुजरात के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीपी पांडे को इशरत जहाँ की कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में विशेष अदालत से भगोड़ा घोषित करने की माँग की है। साथ ही सीबीआई ने इशरत जहां फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के विशेष निदेशक राजेन्द्र कुमार को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिये बुलाया है।
सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश कैडर के 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेन्द्र कुमार से इस मामले में पहले भी पूछताछ की जा चुकी है लेकिन सीबीआई इससे सन्तुष्ट नहीं है और उन्हें पूछताछ के लिये बतौर अभियुक्त बुलाया गया है। उधर उत्तर प्रदेश में रिहाई मंच ने ऐलान किया है कि वह गुजरात की तर्ज पर यूपी में भी आईबी के आतंकी चेहरे को बेनकाब करेगा। मंच का आरोप है कि इशरत जहां की तरह ही खालिद की हत्या का षडयन्त्र भी आईबी ने ही रचा था।
खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आईबी अधिकारियों की गिरफ्तारी, आरडी निमेष आयोग की रिपोर्ट पर सरकार एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी कर दोषियों को गिरफ्तार करने और आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाहों को तत्काल रिहा करने की माँग को लेकर रिहाई मंच का अनिश्चित कालीन धरना लखनऊ में विधान सभा के समक्ष बाइसवें दिन भी जारी रहा। आज क्रमिक उपवास पर सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण प्रसाद बैठे।
इमाम व खतीब मस्जिद जमीयतुल कुरैश के मौलाना जहांगीर आलम कासमी ने धरने का समर्थन करते हुये कहा कि खालिद के इन्साफ की इस जंग में हम पूरी तरह से रिहाई मंच के साथ हैं और हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं। सपा सरकार को मिल्लत आने वाले चुनाव में सबक सिखायेगी।
मौलाना मोहम्मद मुस्तफा, मौलाना सिकन्दर इस्लाही ने कहा कि सूबे की सपा हुकूमत के हाथ मौलाना खालिद मुजाहिद की हत्या में शामिल हैं। गुनाहगार पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिये सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है, सरकार के इस मुस्लिम विरोधी रुख से कौम में गहरा आक्रोश है। यही सूबे की सरकार की विदाई का भी सबब बनेगा।
रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा कि जिस तरह से इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में आईबी के विशेष निदेशक राजेन्द्र कुमार को सीबीआई ने अभियुक्त बनाया ठीक उसी तरह का मामला खालिद मुजाहिद का भी है, जिसमें उनकी हत्या में उच्च पुलिस अधिकारियों समेत आईबी को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। ऐसे में जब यह साफ हो गया है कि आईबी नीतिगत स्तर पर मुस्लिम युवकों को आतंकवाद के नाम पर फँसाती ही नहीं बल्कि उनकी हत्या भी करवाती है और आईबी एक षडयन्त्रकारी संगठन की भूमिका में हैं तो अपने को सेक्युलर कहने वाली सपा द्वारा इन आतंकवाद में संलिप्त दोषी पुलिस अधिकारियों व आईबी अधिकारियों को जिस तरह से बचाया जा रहा है उससे साफ है कि आतंकवाद के इस खेल में सरकारें भी शामिल हैं। इशरत जहां के परिवार और कौम ने जो लड़ाई लड़ी उसने आईबी का आतंकी चेहरा बेनकाब कर दिया। उत्तर प्रदेश में भी खालिद मुजाहिद की हत्या के जिम्मेदार आईबी अधिकारियों की गिरफ्तारी कराकर रिहाई मंच आईबी को यूपी में बेनकाब करेगा।
रिहाई मंच के नेता व अवामी काउंसिल के महासचिव अधिवक्ता असद हयात ने बताया कि पीलीभीत की जनपद अदालत में सरकार की वरुण गांधी को बचाने की सरकारी कोशिशों के बावजूद माननीय न्यायालय ने उनकी अपील को स्वीकार कर लिया है। मुसलमानों को एक बीमारी कहकर नवाजने वाले सपा के संरक्षण में पनप रहे भगवा साम्प्रदायिक चेहरे वरुण गांधी को जेल की सीखचों के पीछे भेजने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
धरने को सम्बोधित करते हुये भाकपा माले के वरिष्ठ नेता व इंकलाबी मुस्लिम कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने कहा कि सपा सरकार एक धोखेबाज और वादा फरामोश सरकार है और इस वादा फरामोश सरकार को अवाम हूकूमत से बेदखल कर देगी। स्वयंभू सेक्यूलर मुलायम सिंह लम्बे अरसे से भाजपा के साथ मायावती की तरह ही सरकारें चलाते रहे हैं और जब उत्तर प्रदेश के अन्दर संघ गिरोह खुलेआम नारे लगा रहा है कि यूपी गुजरात की राह चलेगा और गुजरात के दंगाई अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाकर अपनी फासिस्ट योजना का खुलासा कर दिया है, ऐसे दौर में फिर से मुलायम सिंह अपनी संघ दोस्ती निभा रहे हैं और गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक इनको नंगा नाच करने की खुली छूट दे रहे हैं। कुछ जमीर फरोश अकलियत का रहनुमा बताने वाले लोग चाँदी के चन्द सिक्कों के खातिर जमीर फरोशी के खूनी खेल में शामिल हैं।
एपवा नेता ताहिरा हसन ने कहा कि बेगुनाह मुस्लिम नौजवान जो जेलों में बन्द हैं उनके पीछे उनका पूरा परिवार भी है। जिस तरह से उनको आतंकवाद के नाम पर फर्जी तरीके से फँसाया जाता है जिसकी वजह से उनके पूरे परिवार के प्रति समाज के नजरिए में बदलाव आता है। बहुत से लड़के जिनको फँसाया गया है उनके पकड़े जाने पर न सिर्फ उनकी शादियाँ टूट रही हैं बल्कि सत्ता द्वारा की जा रही हत्याओं के चलते विधवाओं का एक समूह भी पैदा हो रहा है।
मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडे ने कहा कि खालिद की तो हत्या कर दी गयी है पर तारिक जो अब भी जेल में बन्द है उसके बारे में आरडी निमेष कमीशन ने साफ कर दिया था कि उसकी गिरफ्तारी संदिग्ध है। ऐसे में एक तो सरकार ने रिपोर्ट दबाये रखा दूसरे कैबिनेट में पेश करते वक्त एक्सन टेकन रिपोर्ट नहीं पेश करके बेगुनाहों को लंबे समय तक जेल में रखने के अपने इरादे को साफ कर दिया है।
रिहाई मंच के इलाहाबाद जोन के प्रभारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि रिहाई मंच का अनिश्चित कालीन आन्दोलन सपा सरकार से मुसलमानों से की गयी वादा खिलाफी का आने वाले दिनों में हिसाब लेगा। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे मुल्क में बेगुनाहों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का काम यह आन्दोलन करेगा।
धरने का संचालन आजमगढ़ रिहाई मंच के संयोजक मसीहुद्दीन संजरी ने किया। धरने को रिहाई मंच के इलाहाबाद के प्रभारी राघवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह, डॉ. अहमद अली, फहमीदा बेगम, मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड शाइस्ता अंबर, मुस्लिम फोरम के एमके शेरवानी, डा. आफताब, मौलाना कमर सीतापुरी, पूर्व सांसद इलियास आजमी, सोशलिस्ट फ्रंट के मो. आफाक, शुएब, सैयद मोइद, जनवादी पार्टी संजय विद्यार्थी, अनिल आजमी, मो. आरिफ, शिवदास प्रजापति, पूर्व विधायक कालीचरन सोनकर, मुस्लिम संघर्ष मोर्चा के आफताब, डा. हारिस सिद्किी, पीसी कुरील, एहसानुलहक मलिक, फिदा मुहम्मद, जैद फारुकी, आमिर महफूज, आईएनएल के मो. समी, रिजवान, रागिनी सिंह, मो. फैज और राजीव यादव ने सम्बोधित किया।


