गुजरात दंगों में मोदी को क्लीन चिट के खिलाफ याचिका पर जनवरी में होगी सुनवाई

petition against clean chit to Modi in Gujarat riots will be hearing in January

नई दिल्ली, 3 दिसम्बर। सर्वोच्च न्यायालय ने 2002 में गुजरात की गुलबर्ग सोसायटी पर हुए हमले सहित गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में कथित निष्क्रियता के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और विशेष जांच दल (एसआईटी) को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ जकिया एहसान जाफरी की याचिका पर सुनवाई जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा मोदी और एसआईटी के अन्य सदस्यों को क्लीन चिट बरकरार रखने के फैसले को चुनौती दी है।

सोमवार को न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने मामले को जनवरी के तीसरे सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दिया, क्योंकि जाफरी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि वह कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें समय की जरूरत है।

एसआईटी ने 19 नवंबर को जकिया जाफरी की याचिका पर प्रारंभिक आपत्ति जताते हुए इसका विरोध किया था और कहा था कि यह तथ्यों का मुद्दा है और कितने समय तक ऐसे ही जारी रहेगा।

जाफरी ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा पांच अक्टूबर, 2017 के दंडाधिकारी अदालत के फैसले को बरकरार रखे जाने को चुनौती दी है। दंडाधिकारी अदालत ने शीर्ष राजनेताओं और राज्य के अधिकारियों को, कथित व्यापक साजिश से क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रपट को चुनौती देने वाली जाफरी की याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने दंडाधिकारी अदालत के फैसले को सही ठहराया था।

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें