नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक जनसंहार के दौरान आरोप लगे थे कि इस जनसंहार को अंजाम देने का आइडिया गुजरात मॉडल से आया था और गुजरात से कुछ तड़ीपारों ने इसे आयोजित करने में भूमिका निभाई थी। अब ये आरोप सच साबित होते लग रहे हैं, और कयास लगाया जा रहा है कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले गुजरात के तड़ीपार उत्तर प्रदेश में माहौल खराब कर सकते हैं।
दरअसल एक समाचार चैनल की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि दादरी कांड का मास्टरमाइंड आतंकी(?) पुजारी महंत सुखबर दास मुजफ्फरनगर जनसंहार के वक्त वहां मौजूद था और सहारनपुर में भी जब सांप्रदायिक संघर्ष हुआ, यह तथाकथित बाबा वहां मौजूद था।
चैनल की खबर के मुताबिक दादरी कांड के तथाकथित मास्टरमाइंड आतंकवादी(?) पुजारी महंत सुखबर दास के ऐलान करने पर ही गांव का माहौल खराब हुआ था। सुखबर दास पिछले दो दिन से अंडरग्राउंड है।
किसी के लिए भी ये समझने में ज़रा देर नहीं लगेगी कि दादरी में देश को शर्मसार करने वाली हत्या के इस मामले में सबसे अहम शख्स वो पुजारी है, जिसने लाउडस्पीकर से ये अफवाह फैलाई लेकिन इसके बावजूद पुलिस इस पुजारी को पकड़ने के बजाए कार्रवाई करने का दिखावा कर रही है। मामूली सवाल-जवाब के बाद पुलिस ने पुजारी को छोड़ दिया।