#कागजों पर चल रहे गेंहूँ क्रय केंन्द्र -किसान फ्रंट
#उत्तर प्रदेश बचाओ -उत्तर प्रदेश बनाओ अभियान का तीसरा दिन, बबराला में हुईं नुक्कड सभाएं
बबराला (जि.सम्भल, उ.प्र)/12अप्रैल 2016/अखिलेश सरकार किसानों के गेंहूँ की सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीद कराने में विफल रही है.सरकारी क्रय केन्द्र कागजों पर चल रहे हैं .
उक्त बातें किसान फ्रंट के प्रदेश संयोजक व आइपीएफ के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने कहीं .वे किसान फ्रंट व युवा मंच द्वारा चलाए जा रहे उत्तर प्रदेश बचाओ -उत्तर प्रदेश बनाओ अभियान के तीसरे दिन आज बबराला में नुक्कड सभाओं को सम्बोधित कर रहे थे .
उन्होंने कहा कि सरकारी क्रय केन्द्रों पर किसानों के गेहूँ की खरीद नहीं हाे पाने से मजबूरी में किसान सौ से दो सौ रू. कम कीमत पर आढतियों को गेहूँ बेच रहे हैं . किसानों को गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है जबकि सरकार द्वारा घाेषित न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से भी कम है .
उन्होंने कहा कि बाजार में किसानों के हितों के संरक्षण की कोई व्यवस्था देश व प्रदेश में आज तक नहीं है जिसके चलते जो फसल किसान पैदा करता है उसकी सही कीमत किसानों को नहीं मिल पाती और बडे धनपशु बाजार पर हावी होकर किसानों की फसल कम कीमत पर लेकर भारी कीमतों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं. इसके चलते न सिर्फ किसान हमेशा नुकसान में रहते हैं बल्कि आम जनता को भी मंहगाई की मार झेलनी पडती है.
उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में किसानों की फसल खरीद की नीतियों व व्यवस्था में
आमूल -चूल बदलाव की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि गेहूं समेत सभी फसलों की खरीद ग्राम पंचायत स्तर पर की जानी चाहिए व भुगतान तत्काल किया जाना चाहिए इसके लिए हर ग्राम पंचायत में किसानों की सहकारी समितियां बनाई जानी जाएं.
किसान नेता ने कहा कि किसानों को फसल का डेढ़ गुना मूल्य देने का वादा करने वाली अखिलेश व मोदी सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहूँ की खरीद तक नहीं करा पा रही हैं तो ऐसी सरकारों के बने रहने का कोई तर्क नहीं है.
आज बबराला में पैंठ बाजार, रामलीला मैदान, इन्द्रा चौक समेत कई स्थानों पर नुक्कड सभाएं की गईं.
आज अभियान में आइपीएफ के सुनील यादव, किसान फ्रंट के जीराज सिंह, राजेन्द्र सिंह, रूपराम कुशवाहा, श्रीपाल सिंह, रामनिवास तथा युवा मंच के उदयवीर, रामपाल, गजेन्द्र, योगेन्द्र यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।