नई दिल्ली। इन्स्टीच्यूट फॉर सोशल डेमोक्रेसी की बोर्ड सदस्य कल्याणी मेनन सेन और भाकपा माले की नेता कविता कृष्णन ने कहा है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की गवाही और मामले से जुड़े किसी भी अन्य तथ्य को किसी से साझा नहीं किया और सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना अभियानों से दोनों पक्षों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।

आज एक संयुक्त रूप से बयान जारी कर दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि, “खुर्शीद अनवर के निधन से हमें गहरा सदमा और दुख पहुंचा हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध कार्यकर्ता होने के नाते खुर्शीद अनवर के खिलाफ लगे आरोपों के सिलसिले में हम कानून और न्याय की मुनासिब प्रक्रिया को सुनिश्चित करवाने की कोशिश करते रहे। ये आरोप सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना बहसों में लगाए गए। वहीं शिकायतकर्ता के खिलाफ भी धमकी और चरित्र-हनन का सामूहिक अभियान चलाया जा रहा था।“

दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि, “हम जानते हैं कि सोशल मीडिया पर इस तरह के गैरजिम्मेदाराना अभियान से दोनों पक्षों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इसलिए हम दोनों <इन्स्टीच्यूट फॉर सोशल डेमोक्रेसी की बोर्ड सदस्य की हैसियत से कल्याणी और एक राष्ट्रीय स्तर के महिला संगठन की पदाधिकारी के बतौर कविता> ने शिकायतकर्ता से सम्पर्क करने की कोशिश की। हमने कोशिश की कि शिकायतकर्ता सामने आ सके जिससे समुचित जाँच शुरू हो सके।“

उन्होंने कहा कि, “हम समझ-बूझ कर सीधे पुलिस या राष्ट्रीय महिला आयोग के पास नहीं गए क्योंकि हमारे पास इस मामले में शिकायतकर्ता के स्पष्ट निर्देश नहीं थे। हमने अभियुक्त और शिकायतकर्ता, दोनों की गोपनीयता का हर संभव तरीके से पूरा ध्यान रखा। हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि हमने शिकायतकर्ता की गवाही और मामले से जुड़े किसी भी अन्य तथ्य को किसी से साझा नहीं किया। खुर्शीद अनवर की असामयिक एवं दुखद मृत्यु की त्रासदी अपने पीछे बहुतेरे अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है। सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता के खिलाफ लगातार जारी धमकियाँ और खुसफुसाहटें भी उतनी ही व्यथित करने वाली हैं। हमें डर है कि इस तरह के अभियानों से इस त्रासद मामले के समाधान की बची-खुची संभावना भी नष्ट हो जाएगी।“

सुश्री मेनन एवं कविता कृष्णन ने खुर्शीद अनवर के मित्रों, सहयोगियों और परिवारजनों के दुख के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कराते हुए आशा व्यक्त की है कि धर्मनिरपेक्षता और शांति के लिए किया गया उनका महत्वपूर्ण काम उनकी सच्ची स्मृति हो।