गांधी हत्या से पहले हत्यारा गोडसे भारी चन्दा इकट्ठा कर अपने परिवार को दे चुका था
राष्ट्र शत्रुओं, हत्यारों और देश विभाजकों पर ईश्वर का कठिन प्रकोप हो और गांधी अमर रहें
राजीव नयन बहुगुणा
गोडसे के वंशज उत्तरोत्तर अधिक कायर, झूठे, निर्मम और बे शर्म होते जा रहे हैं, जैसा कि गोडसे स्वयं था।
गोडसे के बारे में अब कहा जा रहा है कि उसने गांधी को पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए गोली मारी थी।
यह सच है कि गांधी अपनी हत्या के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान जाने वाले थे, लेकिन उनकी इस यात्रा का उद्देश्य वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे ज़ुल्मों के विरुद्ध अलख जगाना था।
सभी जानते हैं कि पाकिस्तान में अल्प संख्यक कौन थे, या हैं। दरअसल देशद्रोही गद्दार यह नहीं चाहते थे कि गांधी की पाक यात्रा से वहां हिन्दू मुस्लिम सौहार्द्र कायम हो, वहां के हिंदुओं पर ज़ुल्म रुकें, क्योंकि ऐसा हो जाता, तो उन्हें नफरत की शाश्वत आग में आज तक रोटी सेंकने का अवसर कहाँ से मिलता।

अब सुब्रह्मण्यम स्वामी गांधी को पाक परस्त ठहरा रहा है। दस्तावेज़ बताते हैं कि कश्मीर पर कबाइलियों के भेष में पाक हमले के वक़्त गांधी पल-पल सीमा सुरक्षा सम्बन्धी रिपोर्ट ले रहे थे तथा नेहरू-पटेल को सैन्य कार्रवाई सम्बंधित निर्देश दे रहे थे।
उनका दूसरा बेशर्म झूठ यह है कि गोडसे एक निस्वार्थ त्यागी और निर्भीक व्यक्ति था। ऐतिहासिक तथ्य, गवाह हैं कि गांधी हत्या से पहले हत्यारा गोडसे भारी चन्दा इकट्ठा कर अपने परिवार को दे चुका था और अपना भारी भरकम बीमा करवा चुका था। उसका दूसरा सहयोगी गांधी हत्या से 15 दिन पहले चंदे की रक़म से रंडीबाज़ी करते पकड़ा गया था। हत्या के बाद उसने भागने की कोशिश की और एक होम गार्ड के हाथों दबोचा गया। गोली लगने के बाद गांधी राम नाम बुदबुदा रहे थे, जबकि हत्यारा बुरी तरह भाग रहा था, हांफ रहा था और भयभीत हो चीख रहा था। राष्ट्र शत्रुओं, हत्यारों और देश विभाजकों पर ईश्वर का कठिन प्रकोप हो और गांधी अमर रहें।