सारे के सारे एलियंस, जो तबाही पर आमादा हैं, इस सूरत में लेकिंग असली सूअर भी कोई नहीं है। नगाड़े लेकिंग खामोश हैं। फिर भी नॉटंकी का वही सिलसिला! किससे बहुत हैं, मसले भी बहुत हैं, किसागो कोई जिन्दा बच्चा नहीं है। और तब पिताजी के नानाजी बोले, तुम जैसे किसानों, तुम जैसे मेहंतकशों के मुकाबले ये बननेले सूअर भी बेहतऱ। इस सूअरबाड़े में लेकिंग असली सूअर भी कोई नहीं है। एलियंस की खोज में निकलने हैं स्ट्रीफन होकिंग, जिनसे बेहतर कोई नहीं जानते कि वे हमें तबाह कर देंगे, एक उसी तरह जैसे हम हाल्लीवुड के टरमिनेटर जैसी दर्जनों फिल्मों में देख चुके हैं। खैर, हाल्लीवुड में एक फिल्म ऐसी भी बनी है कि एलियंस ने कही हमारी दुनिया पर धावा न बोलकर किसी और दुनिया में अवतार बनकर हमला कर दिया बाकी उन अवतारों के प्रतिरोध की कहानी है फिल्म अवतार में। बजरंगी भाईजान पर कुर्बान जमाने में अवतार तो लोग बूल गए लेकिंग स्ट्रीफन होकिंग को भूलना मुश्किल है क्योंकि वे एलियंस की खोज में निकल पड़े हैं। स्ट्रीफन होकिंग महासय को नहीं मालूम कि अवतारों के महासदेष इस अखंड हिंदू राष्ट्र में एलियंस का ही राजकाज है कि.......... जारी.... आगे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

क्या केसरिया पलटन गाय के नाम पर फैलायी जा रही संगित हिंसा से कभी तोबा कर सकेगी।

न्यू सोशलिस्ट इनिशिएटिव गोरक्षा के नाम पर स्वयम्भू हथियारबंद गिरोहों की अत्यधिक सक्रियता, जिसमें जबर्दस्त तेजी भाजपा के केन्द्री में सतत्सुनी होने के बाद आयी है, उसे एक मुंहतोड़ जवाब पिछले दिनों गुजरा में मिला।

जिस बेरहम से शिवसेना से संदर्भ एक गोरक्षक दल ने उन में दलितों के समूहन पर हमला किया, (11 जुलाई 2016) जो मरी हुई गाय की खाल उतार रहे थे, उन्हें सरकारी दफ्तरों का घेराव किया है, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया है, पूरे राज्य स्तर पर बंड का आयोजन किया है और सरकार को झुकाने की कोशिश की है।

उन्होंने दोषियों को सख्त सजा देने की सरकार से मांग की है और साथ ही साथ उन पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाई करने की मांग की है, जिन्होंने दलितों की शिकायत की अनदेखी की, जब उन्हें प्रताड़ित किया गया था।

प्रतिरोध कार्यवाइयों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। दलित अभी भी गुस्से में हैं। विरोध रायलीयों का अभी भी आयोजन हो रहा है।