गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री को झेलना पड़ा विरोध, दिखाए गए काले झंडे
गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री को झेलना पड़ा विरोध, दिखाए गए काले झंडे
लखनऊ, 13 अगस्त (देशबन्धु) : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर के जिस बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में पलक पांवड़े बिछाए जाते थे, वहां रविवार को उनके विरोध में स्वर गूंजे। तीन दिन में 60 मासूमों की मौत के बाद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को न केवल विरोध का सामना करना पड़ा, वरन काले झंडे भी देखने दिखाए गए। उनके साथ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी थे। लेकिन विरोधियों पर आक्रामक तेवर अपनाते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझसे ज्यादा संवेदनाएं किसके पास है। मैने सड़क से संसद तक इंसेफ्लाइटिस की जंग लड़ी है। यहां हुई घटना की उच्च स्तरीय कमेटी कर रही हैं। मौतों के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई ऐसी होगी कि लोग इसकी मिसाल देंगे।
विरोधी हालात को संभालने की कोशिश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में एक रिसर्च सेंटर की जरूरत है, यहां रीजनल रिसर्च फार मेडिकल सेंटर की स्थापना होगी। इसके लिए 85 करोड़ रुपये दे दिए गए हैं। कांग्रेस पर हमलावर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की संवदेना मर चुकी है। वह राजनीति कर रही है। हम समस्या का समाधान करना चाहते हैं।
Nobody can be more sensitive towards those children than me: UP CM Yogi Adityanath in #Gorakhpur pic.twitter.com/c6r6rHDcRY
— ANI UP (@ANINewsUP) August 13, 2017
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी मामले की जानकारी लेने के लिए कुछ स्तरीय चिकित्सकों की टीम यहां भेजी हैं। इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ शुरू से हम लड़ते रहे हैं। हमने जेई वैक्सीनेशन अभियान चलाकर लाखों बच्चों को टीके लगवाए। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस मेडिकल कॉलेज का यह मेरा चौथा दौरा है। हर बार इंसेफ्लाइटिस वार्ड का निरीक्षण करता हूं। जिन लोगों की संवेदना मर चुकी है, वे इस संवेदनशील मसले पर बयान देकर जले में नमक छिड़क रहे हैं।
Let reports of probe committee come. Assure you, if anyone's negligence caused death of a person, in any part of UP,he won't be spared:UP CM pic.twitter.com/2zrt2jrSnv
— ANI UP (@ANINewsUP) August 13, 2017
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह गोरखपुर में 1996 से इंसेफेलाइटिस की लड़ाई लड़ रहे हैं। 90 लाख बच्चों को वैक्सीन देकर इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई का आगाज किया है। इस पीड़ा के बारे में उनसे ज्यादा कोई नहीं जान सकता। उनसे ज्यादा कोई इस समस्या को नहीं समझ सकता है। यहां अस्पताल में तीस से ज़्यादा बच्चों की मौत के मामले में सरकार के स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई। 9 अगस्त को भी वह यहां आए थे। 5 प्रमुख सचिवों को यहां बुलाया गया था। सरकार की तरफ से इस मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि बच्चों की मौत मामले की जांच कराई जाए। सीएम योगी केंद्र सरकार हमारी हर संभव मदद कर रही है।
Those whose sensitivity has died are now trying to add salt to the wound by raising the sensitive issue unnecessarily: UP CM Yogi Adityanath pic.twitter.com/DqryaZKy8h
— ANI UP (@ANINewsUP) August 13, 2017
मीडिया को लपेटा : मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में मीडिया को लपेटे में लेते हुए कहा फेक रिपोर्टिंग नही, वास्तविक रिपोर्टिंग की जानी चाहिए। आप सब एक बार वार्ड में जाकर जरूर देखिए, वहां की वास्तविक स्थिति जानिए। आप लोगों को वार्ड में जाकर रिपोर्टिंग करनी चाहिए बाहर से नहीं। मीडिया को सही तथ्यों को पता लगाकर ही रिपोर्टिंग करनी चाहिए। पत्रकारों को छूट है कि वह वार्डों में जाकर वस्तु स्थिति देखें। उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा सेवा और जिलाधिकारी से कहा कि दो-दो -तीन-तीन के ग्रुप में पत्रकारों को ले जाएं ताकि सही हालात से जनता वाकिफ हो सकें। पत्रकार को कैमरा के साथ भीतर जाने की इजाजत होगी। हम चाहते हैं हड़बड़ी न हो, पत्रकार भाई बिना धक्का-मुक्की के वास्तविक रिपोर्टिंग करें। जनता को भी पता चलना चाहिए कि इलाज हो रहा है या नरसंहार हो रहा है।
I have approved regional medical research centre that will be established in #Gorakhpur with expense of Rs. 85 Cr :Union Health Min JP Nadda pic.twitter.com/kkEXAefEap
— ANI UP (@ANINewsUP) August 13, 2017


