ग्रीनपीस और एस्सार के झगड़े में नया मोड़
ग्रीनपीस और एस्सार के झगड़े में नया मोड़
ग्रीनपीस के नाम से फर्जी चिठ्ठी लिखनेवालों के खिलाफ मुकदमा दायर की जाए -एमएसएस और ग्रीनपीस
सिंगरौली, मध्य प्रदेश, 6 अगस्त। सिंगरौली में ग्रीनपीस और एस्सार के झगड़े में नया मोड़ आ गया है। ग्रीनपीस की प्रिया पिल्लई के नाम से फर्जी चिठ्ठी सिंगरौली के अमिलिया गांव के लोगों और स्थानीय मीडिया में बांटी जा रही है। ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि इस घटिया हरकत से उसे काफी दुख हुआ है। एस्सार और हिंडालको के प्रस्तावित कोयला खदानों को किसी भी रूप में शुरू करने के लिए जिस घटिया स्तर पर लोग काम कर रहे हैं वह निंदनीय है। बांटी जा रही इस फर्जी चिठ्ठी में दावा किया गया है कि अगर 10 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन महान संघर्ष समिति (एमएसएस) को विरोध प्रदर्शन करने से रोका जाता है तो प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन और पुलिस बल के खिलाफ हिंसा की सहायता लेगी।
ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि उसकी नीति ही अहिंसा है और इसके लिए उसे अपने पर गर्व भी है। एनजीओ किसी भी परिस्थिति में विरोध जताने के लिए हिंसा की बात नहीं करती है। शिकायत की कॉपी आई जी और डीआईजी को भी भेजी गई है।
ग्रीनपीस की प्रिया पिल्लई, जो एमएसएस की सदस्य भी हैं, उनका कहना है, "हम तो भौचक्क हैं… क्या कोई भी कंपनी इस नीचता पर उतर सकती है? यह शर्मनाक हरकत है और जो भी लोग इस कृत के पीछे है उसपर तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिए। इस तरह की हरकत से हिंसा को बढ़ावा मिलेगी और इसका गंभीर परिणाम भी होगा। हमने हमेशा महान क्षेत्र के लोगों के हित में अपना काम पूरी जवाबदेही के साथ किया है। यह हमारे द्वारा किए गए अच्छे काम को फिर से बदनाम करने की साजिश है।"
प्रिया पिल्लई का कहना है कि हमने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। उनका कहना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मसला है इसलिए पुलिस को बिना झिझक के मामले की जांच-पड़ताल करनी चाहिए न कि पहले की तरह टांग अड़ानी चाहिए। प्रिया पिल्लई ने पुलिस प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि जब इससे पहले फर्जी ग्राम सभा बुलाकर फर्जी फैसले कर लिए गए थे तो स्थानीय निवासियों ने पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की थी। लेकिन उसके ठीक उलट सरकार ने वन संरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके सूचना के उपकरणों को जब्त कर लिया था।
रक्षा बंधन के दिन हमारा कार्यक्रम इसलिए है क्योंकि हम शांतिपूर्ण तरीके से जंगल को बचाने के लिए लोगों का समर्थन पा सकें। प्रिया पिल्लई ने आगे बताया, "प्रशासन से हम अपील करते हैं कि वह इस बात की गारंटी करे कि उस दिन किसी तरह की अनहोनी न हो।"
उन्होंने कहा कि अमिलिया गांव में होनेवाले ग्राम सभा की तैयारी शुरू हो गई है। "इस तरह की चिठ्ठी लिखे जाने का मतलब सिर्फ और सिर्फ इस बात की तरफ इशारा करता है कि ग्राम सभा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हो सकता है। "
एमएसएस और ग्रीनपीस ने सरकार से मांग की है कि स्थानीय पुलिस को तत्काल मामले की शिकायत दर्ज करनी चाहिए और जिस किसी ने यह हरकत की है उसके उपर सख्त कार्यवाई करनी चाहिए जिससे कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।


