चार में तीन वन सत्याग्रहियों को जमानत मिली
चार में तीन वन सत्याग्रहियों को जमानत मिली
ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति अपने चौथे सत्याग्रही की रिहाई के लिए हाईकोर्ट जाएगी
शांतिपूर्वक तरीके से किया गया प्रदर्शन अपराध नहीं है
सिंगरौली। 9 अप्रैल 2014,
40 घंटे के पुलिस गिरफ्तारी के बाद ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति के चार में से तीन कार्यकर्ताओं को बैढ़नकोर्ट से जमानत मिल गई है। ग्रीनपीस ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए मांग की ती है कि चौथे कार्यकर्ता बेचनलाल साह को भी रिहा किया जाय।
ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति के कार्यकर्ता अक्षय गुप्ता, विनित गुप्ता तथा विजय शंकर सिंह को जमानत मिली है। ग्रीनपीस इंडिया के कार्यकारी निदेशक समित आइज ने कहा कि हम लोगों को खुशी है कि हमारे तीन साथियों को जमानत मिली लेकिन हमारे एक साथी बेचनलाल जी को जेल में रखे रहने की हम निंदा करते हैं। शांतिपूर्वक तरीके से किया गया प्रदर्शन अपराध नहीं है। हम आगे भी उनकी रिहाई की मांग करते हुए हाईकोर्ट जायेंगे।
चारों को बुधवार को महान जंगल को नष्ट होने से बचाने के लिए किए गए शांतिपूर्वक प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद देश भर के संगठनों ने जैसे अमनेस्टी इंटरनेशनल, प्रशांत भुषण, मेधा पाटेकर, वृंदा ग्रोवर, जनसंघर्ष मोर्चा, 350.ऑर्ग ने कार्यकर्ताओं के रिहाई की मांग की थी।
इस दौरान करीब 100 की संख्या में महिलाओं और बच्चों सहित ग्रामीणों ने जंगल में जाकर प्रदर्शन किया और महान जंगल को बचाने की लड़ाई को जारी रखने का फैसला लिया। ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि वे एस्सार के प्रस्तावित कोयला खदान का विरोध जारी रखेंगे और ऐसे किसी भी गलत दबाव से पीछे नहीं हटेंगे।


