नई दिल्ली। जो दुनिया भर की खबरें छापते हैं, आज जब वो खबर बने तो सारे अखबार या चैनल से खबर सिरे से गायब थी।
जी हां, खबर आ रही है कि मजीठिया वेतनमान मांगने पर दैनिक जागरण ने अपने लगभग दो सैकड़ा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिसके विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं और आज ये हड़ताली कर्मचारी सार्वजनिक तौर पर जंतर-मंतर पर दैनिक जागरण प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठे।
बताया जाता है कि कि जागरण प्रबंधन ने कुछ दिन पहले ही महिला कर्मचारियों की बर्खास्तगी की थी, जिसका विरोध करने पर यूनियन के 16 सदस्यों को बर्खास्त कर दिया गया था। अब खबर है कि आगामी 13 अक्टूबर से जागरण की पांच राज्यों की यूनिटों में हड़ताल होने वाली है।
जंतर-मंतर पर धरना स्थल पर जागरण कर्मचारियों ने आज सभा भी की.सभा में वक्ताओं ने कहा कि जागरण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है, यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, इसमें जनता का 300 करोड़ रुपया निवेश है, इसलिए जागरण अपने कर्मचारियों को अगर मजीठिया वेतनमान नहीं देता है तो कर्मचारी अपने हक को जागरण के गले में हाथ डालकर छीन लेंगे।
धरना स्थल पर मौजूद एक बर्खास्त कर्मचारी ने बताया कि हड़ताल के कारण दैनिक जागरण की नोएडा यूनिट सबसे ज्यादा प्रभावित है।
इस हड़ताल से जागरण की सीख पर बुरा असर पड़ रहा है। धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों के तेवर देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि फिलहाल तो यह हड़ताल समाप्त होने से रही।
फिलहाल जागरण प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार है, यदि कोई प्रतिक्रिया आती है तो उससे भी अवगत कराया जाएगा।