’’ अब तो यह स्पष्ट है, सरकारी लोकपाल बिल भ्रष्ट है ’’
सुनो, सुनो, सुनो.........................!
हमारी सरकार ने एक लोकपाल बिल बनाया है,
संसद को विधेयक नहीं खिलौना थमाया है।
प्रधानमंत्री, न्यायपालिका और बहुत कुछ इस कानून से मुक्त होंगे,
पुराने कानूनों की तरह इसके स्तम्भ भी भ्रष्टाचार युक्त होंगे।
सिविल सोेसाइटी की सलाह को सरकार ने ठुकराया,
घोटालों पर घोटाले कर जनता को उल्लू बनाया।
जब अन्ना हजारे, समाज सेवियों ने अनशन का ऐलान किया,
बगुला भगत नेताओं ने उनको भी बदनाम किया।
मगर सरकार का अब तो हर तीर खाली है,
ये लोकतंत्र की सरकार नहीं, ए0टी0एम0 का नोट जाली है।।
दिनांक 16 अगस्त 2011 दोपहर 1 बजे सभी राष्ट्रप्रेमी अशोक की लाट, कचेहरी चैराहा में आमंत्रित है।

भवदीय
प्रवास सोसाइटी, बांदा उ0प्र0

सरकारी लोकपाल बिल 1.08.2011-बिल नं0 39/2011
हम समस्त बुन्देलखण्डवासी, जनपद बांदा के नागरिक सिविल सोसायटी एवं राष्ट्रभक्त्त समाजसेवी अन्ना हजारे की टीम के समर्थन मंे एक दिवसीय जल उपवास रखते हुये सरकारी लोकपाल विधेयक (बिल) नं0 39/2011 का बहिष्कार करते हैं। हमारी मांग है कि सिविल सोसायटी के सुझावों को शामिल करते हुये जन लोकपाल बिल विधेयक ही राष्ट्र हित में भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिये संसद में पारित किया जाये।
दिनांकः- 16.08.2011