ग्रीन-पीस और महान संघर्ष समिति कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मामला
भोपाल। समाजवादी जन परिषद और जन संघर्ष मोर्चा से जुड़े विभिन्न जन-संगठनों, ने म. प्र. के सिंगरौली जिले में ग्रीन-पीस और महान संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं कि गिरफ्तारी और पुलिस थाने में मारपीट की घटना के लिए म. प्र. सरकार की तीव्र निंदा करते हुए इन कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई और दोषी वनकर्मी और कम्पनी के लोगों पर कार्यवाही की मांग की है।
किसान आदिवासी संगठन, जाग्रत आदिवासी दलित संगठन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, श्रमिक आदिवासी संगठन, बरगी बांध विस्थापित संघ, महिला गैस पीड़ित उद्योग संगठन, म. प्र. महिल मंच, नारी जाग्रति मंच व बघेलखंड आदिवासी मुक्ति मोर्चा ने आज जारी विज्ञप्ति में कहा कि, म. प्र सरकार महान कोल फील्ड लिमिटेड के इशारे पर कार्यवाही कर रही है। ग्रीन-पीस और महान संघर्ष समीति के कार्यकर्त्ता महान के जंगल में पेड़ की क्लियर फेलिंग का इस आधार पर विरोध कर रहे थे कि, अभी-तक न तो फॉरेस्ट राइट एक्ट के तहत महान जंगल पर लोगों के अधिकार तय करने की प्रक्रिया शुरु हुई है, और ना ही पहले दौर में लगाई गई अनेकों पर्यावरणीय शर्तों का अनुपालन ही हुआ है। इस सबके बावजूद जब स्थानीय फॉरेस्ट डिपार्टमेंट कम्पनी के अधिकारीयों और गुंडों के साथ मिल जबरदस्ती पेड़ों की मार्किंग और कटाई का काम शुरू कर रहे थे, तो लोगों ने विरोध किया। जब विरोध के चलते वो लोग अपनी-अपनी मशीनें झोड़ भाग गए, तो लोगों ने एक पंचनामा बना 5 मई को पुलिस और अन्य अधिकारियों को इस बात की सूचना दे दी।
सजप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अनुराग मोदी ने कहा कि इस सबके बावजूद ग्रीन-पीस के अक्षय और विनीत गुप्ता और महान संघर्ष समिति के बैचेनलाल साहू और विजय शंकर को रात के 12 बजे बैढन में ग्रीनपीस के दफ्तर से बिना कोई कारण बताए उठा लिया। दुसरे दिन मालूम हुआ कि, उन्हें धारा 353, 186, 392 और 180/14 के तहत; डकैती, मारपीट और सरकारी काम में बाधा के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनसे कबूलनामा पर हस्ताक्षर लेने के लिए पुलिस स्टेशन में मारा गया।