जब क्रिसमस से परहेज़, तो मिशन स्कूलों में क्यों पढ़ें हिन्दू नेताओं के बच्चे ?

पुष्परंजन

जब क्रिसमस से परहेज़, तो मिशन स्कूलों में क्यों पढ़ें हिन्दू नेताओं के बच्चे ?

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में हिंदू जागरण मंच ने पब्लिक स्कूलों को "अडवाइजरी पत्र" जारी कर क्रिसमस मनाने पर चेतावनी दी है। पत्र के जरिए धमकी दी गई है कि बच्चों को इसके लिए मजबूर न करें। क्योंकि इस तरह के माहौल से बच्चे ईसाई बन सकते हैं.

यह ग्रुप योगी आदित्यनाथ, मोदी जी का नाम ले रहा है, मिशन स्कूल वालों को धमका रहा है. सोचिए, कोमल ह्रदय वाले बच्चों के दिलो-दिमाग़ पर इसका कितना बुरा असर होने जा रहा है?

"हिन्दू जागरण मंच", विश्व हिन्दू परिषद् का अनुषंगी संगठन है , जिसकी स्थापना 1982 में राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने की थी.

विश्व हिन्दू परिषद् को सबसे पहले सभी बीजेपी नेताओं से शपथ दिलवाना चाहिए कि वे अपने बच्चों को ईसाई मिशनरी स्कूलों में न पढ़ाएं, और कोई भी हिंदुत्व विचारधारा का मंत्री, नेता किसी ईसाई देश की यात्रा न करें ! भक्त किसी भी ईसाई देश में बनी हुई शराब, वाइन न पीयें !

“Is it wrong to celebrate Christmas in India?

Why Hindu leader do visit Christian country and let their children enrol in missionary schools? The Minister, Neta of Hindu Sarkar should shun going to any Christian country across the world.

RSS-affiliate Hindu Jagran Manch (HJM) has warned mission schools not to celebrate Christmas. Alleging that schools promoted Christianity this way among Hindu students, the HJM has asked its district units to protest outside schools if their warnings were not heeded.”


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