प्रेस पूरी क्षमता के साथ नोट छाप रहे हैं : आरबीआई

नई दिल्ली। विमुद्रीकरण की घोषणा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा पर निकल गए और देश में जनता का बुरा हाल है। जानकारों का कहना है कि देश को पटरी पर आने में कम से कम क महीना लग सकता है। मजेदार बात यह है कि विमुद्रीकरण लागू कर दिया गया और आरबीआई स्वयं स्वीकार कर रहा है कि पर्याप्त मात्रा में नोट पहले से छापे नहीं गए और अब प्रिंटिंग प्रेस पूरी क्षमता के साथ नए नोट छापने में जुटे हुए हैं। यानी मतलब साफ है आम आदमी को कम से कम एक महीने तक अभी कष्ट उठाना ही होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज कहा कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को विमुद्रित किए जाने के बाद प्रिंटिंग प्रेस पूरी क्षमता के साथ नए नोट छापने में जुटे हुए हैं।

आरबीआई की प्रधान सलाहकार, अल्पना किल्लावाला की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है,

"मांग पूरी करने के लिए प्रिंटिंग प्रेस पूरी क्षमता के साथ नोट छाप रहे हैं, ताकि नोटों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध हो सके।"

बयान में कहा गया है कि विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद जब 10 नवंबर को बैंक खुले तो सिर्फ एक दिन में लगभग 10 करोड़ लेन-देन हुए।

आरबीआई ने कहा है कि देश भर में 4,000 से अधिक स्थानों पर स्थित नोट भंडारों में नए नोटों के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। बैंक शाखाओं को उनसे जोड़ दिया गया है, ताकि वे अपनी जरूरतों के हिसाब से नोट वहां से ले सकें।

बयान में कहा गया है कि
जनता की जरूरतें पूरी करने और इस स्थिति से निपटने के लिए बैंक और आरबीआई शनिवार और रविवार को भी खुले हुए हैं।
केंद्रीय बैंक ने लोगों को भुगतान के वैकल्पिक रास्ते अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है, जैसे कि प्रीपेड कार्ड, रुपे कार्ड, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग।

बयान में कहा गया है कि विमुद्रित नोटों को नए नोटों से बदलने की योजना देशभर में 30 दिसंबर तक खुली हुई है, और उसके बाद आरबीआई के विशेष कार्यालयों में ये नोट बदले जा सकेंगे।
बयान में कहा गया है,
"विमुद्रीकरण की घोषणा के एक दिन बाद ही सभी बैंकों की शाखाओं को जनता के लिए नोट बदलने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। असुविधा को कम से कम करने के लिए बैंकों की शाखाएं और सभी आरबीआई कार्यालय सामान्य कारोबारी अवधि से अधिक समय तक काम कर रहे हैं। जनता की भारी भीड़ के मद्देनजर अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए हैं।"

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PM Narendra Modi's Speech at interacts with Indian Community in Japan

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