चुनाव न कराना जनतांत्रिक अधिकारों का हनन : वृन्दा करात
ग्रेटर नोएडा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय नेता व पूर्व सांसद वृन्दा करात ने कहा है कि रिएल स्टेट व बड़े पूंजीपतियों के लिए जमीन छीनने में मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए ग्रेटर नोएडा के 107 गांवों को पंचायत प्रणाली से बाहर कर दिया है।
सुश्री करात जनपद में पंचायत चुनाव कराने की मांग पर सोमवार 26 अक्टूबर को पंचायत चुनाव बचाओ मंच गौतमबुद्ध नगर के आवहान पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के समक्ष आयोजित विशाल जनसभा में मुख्य वक्ता के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रही थीं।
पूर्व सांसद वृन्दा करात ने कहा कि नोएडा- ग्रेटर नोएडा में प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत चुनाव व प्रधानी के चुनाव नहीं कराना संविधान में मिले लोगों के जनतांत्रिक अधिकार का उल्लंघन है। प्रदेश सरकार लोगों से उनका वोट का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की मजदूर किसान विरोधी नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और पंचायत चुनाव व मजदूर, किसानों और आम जनता के जन मुद्दों पर चल रहे संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन और सहयोग का वादा किया।
सभा को सीपीआईएम दिल्ली एनसीआर राज्य सचिव के.एम. तिवारी, जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, महिला नेता आशा यादव सहित विभिन्न गांवों व संगठनों और राजनीतिक दलों के दर्जनों नेताओं ने सम्बोधित किया। सभा मे किसानों, ग्रामीणों के साथ महिला व मजदूरों ने भी बडी संख्या मे हिस्सा लिया।
सभा की अध्यक्षता कामरेड सरदाराम भाटी ने की। मंच का संचालन डा. रूपेश वर्मा व हरेन्द्र खारी ने किया।

पंचायत चुनाव कराने की मांग पर सोमवार 26 अक्टूबर को पंचायत चुनाव बचाओ मंच गौतमबुद्ध नगर के आवहान पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के समक्ष आयोजित विशाल जनसभा

पंचायत चुनाव कराने की मांग पर सोमवार 26 अक्टूबर को पंचायत चुनाव बचाओ मंच गौतमबुद्ध नगर के आवहान पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के समक्ष आयोजित विशाल जनसभा