जम्मू-कश्मीर - भाजपा का मुश्किल वक्त, पीडीपी सख्त
जम्मू-कश्मीर - भाजपा का मुश्किल वक्त, पीडीपी सख्त
जम्मू-कश्मीर- भाजपा का मुश्किल वक्त, पीडीपी सख्त
जम्मू-कश्मीर में गठबंधन एजेंडे की समीक्षा करेगी पीडीपी
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए दस माह में फिर अग्नि परीक्षा का वक्त आ गया है, महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में नई सरकार के गठन के संदर्भ में अंतिम निर्णय लेने से पहले भाजपा के साथ गठबंधन सरकार के 10 माह के कार्यकाल की समीक्षा करेगी।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु की खबरके मुताबिक पीडीपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नईम अख्तर ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता कोई अगला कदम उठाने से पहले आने वाले कुछ दिनों के भीतर गठबंधन एजेंडे के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे।
नईम अख्तर ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व वाली सरकार की जगह भरने के लिये पीडीपी-भाजपा गठबंधन के तय किए गए एजेंडे पर हम विचार करेंगे।
राज्य में गठबंधन सरकार के प्रवक्ता का दायित्व भी संभाल रहे अख्तर ने कहा कि गठबंधन का एजेंडा पीडीपी के लिए एक दस्तावेज है और इसका क्रियान्वयन हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हम दोनों दलों की सहमति वाले गठबंधन के एजेंडे के क्रियान्वयन पर विचार करेंगे। गठबंधन के एजेंडे और राज्य में इसके क्रियान्वयन में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि बिजली परियोजनाएं राज्य को लौटाए जाने, जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाने तथा सुरक्षा बलों के अधीन भूमि के किराए का भुगतान किए जाने के संबंध में दस्तावेजों में स्पष्ट किया गया है।


