जम्मू-कश्मीर विधानसभा को शीघ्र भंग करने की मांग
जम्मू-कश्मीर विधानसभा को शीघ्र भंग करने की मांग
जम्मू-कश्मीर विधानसभा को शीघ्र भंग करने की मांग
पैंथर्स प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात
जम्मू, 10 नवंबर। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पैंथर्स सुप्रीमो प्रो.भीमसिंह की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर राज्य में राजनीतिक परिदृश्य के बारे में बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल में हर्षदेवसिंह, बलवंतसिंह मनकोटिया, यशपाल कुंडल एवं कु. अनीता ठाकुर शामिल थे।
पैंथर्स नेताओं ने राज्य में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्यपाल से राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में भाजपा-पीडीपी शासन के दौरान भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया था।
प्रो. भीमसिंह ने राज्यपाल से राज्य में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करने के लिए एक अध्यादेश जारी करने का आग्रह किया, जिससे राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्र में न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा को तुरंत भंग करने की मांग की, जिससे राज्य में नए चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई अन्य उदाहरण नहीं है कि पांच महीने से बर्खास्त विधानसभा के दौरान करदाताओं के पैसे से विधानसभा सदस्यों को सुविधाएं दी जाती रही हों।
पार्टी के चेयरमैन हर्षदेवसिंह ने राज्यपाल का ध्यान राज्य में नौकरशाही के भ्रष्टाचार की तरफ दिलायी, जो जनता के बीच अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों के बावजूद ड्यूटी पर तैनात हैं, जिसका राज्य में शुरू किये गये विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत धनराशि की लूट के कारण पिछले 2-3 साल से ग्रामीण जनता अपनी कड़ी मेहनत के मुआवजे से वंचित है। उन्होंने डीआरडब्ल्यू, आरईटी, संविदा, मनरेगा मजदूरों, एनएचएम और एफएमपीएचडब्ल्यू की जायज मांगों के साथ-साथ आंगनवाड़ी और आशा कर्मियों के मामले शीघ्र हल कराने की मांग की।
बलवंतसिंह मनकोटिया ने सदल गांव की तरफ राज्यपाल को ध्यान दिलाया, जिन्हें 2014 के आयी बाढ़ की वजह से भारी नुकसान हुआ था, के मामले हल करने का आग्रह किया। उन्होंने सेना द्वारा ऊधमपुर में कब्जायी किसानों की जमीन का उन्हें शीघ्र मुआवजा देने की मांग की।
यशपाल कुंडल ने सरकार के उस वायदे का पूरे करने का आग्रह किया, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पांच मरला भूमि दिये जाने को कहा गया था।
राज्यपाल ने सभी पैंथर्स नेताओं की बात बड़े ध्यान से सुनी और उन्हें आश्वासन दिलाया कि उनकी वास्तविक मांगों को शीघ्र हल किया जाएगा।
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