जाने माने इतिहासकार प्रो. लाल बहादुर वर्मा को शारदा देवी शिक्षक सम्मान
जाने माने इतिहासकार प्रो. लाल बहादुर वर्मा को शारदा देवी शिक्षक सम्मान
इलाहाबाद। जाने माने इतिहासकार होने के साथ ही बहुत महत्वपूर्ण लेखक और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति समर्पित, बेहद कर्मठ व्यक्तित्व प्रो. लाल बहादुर वर्मा को आगामी 20 दिसंबर को शारदा देवी शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा।
शारदा देवी ट्रस्ट इलाहाबाद की ट्रस्टी व सम्मान समारोह की संयोजिका संध्या नवोदिता ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि अपने ऐसे शिक्षकों के प्रति समाज हार्दिक कृतज्ञता अनुभव करता है। हम अपने जीवन ज्ञान देने वाले शिक्षकों के ऋण से कभी मुक्त नहीं हो सकते। पर हम अपने प्यारे शिक्षक प्रो. लाल बहादुर वर्मा को यह ज़रूर कहना चाहते हैं कि ज्ञान की इस रोशनी के लिए हमारा जीवन आपका कृतज्ञ है, हम भी आपकी ही तरह बनना चाहते हैं। जो रोशनी आपने हमें दिखाई, हम भी एक नन्हा दीपक ही सही, अपनी क्षमता भर आपकी परम्परा के साझीदार होना चाहते हैं। हमारे प्यारे शिक्षक हम दिल की गहराइयों से आपको प्यार करते हैं।
संध्या नवोदिता ने बताया कि यह सम्मान शारदा देवी जी के नाम पर दिया जाता है, जो प्रधानाध्यापिका थीं। हिन्दी और संस्कृत की ज्ञाता शारदा देवी का पूरा जीवन शिक्षा को ही समर्पित था। उन्होंने अपने जीवनकाल में सैकड़ों बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए उनकी आर्थिक से लेकर नैतिक तक हर संभव मदद की।
उन्होंने बताया कि शारदा देवी ने एकल माँ के दायित्व पूरी ज़िम्मेदारी से निभाते हुए घर और बाहर दोनों मोर्चों पर बहुत साहस और निडरता के साथ स्वाभिमानी जीवन जिया। मात्र 53 वर्ष की उम्र में उन्हें पैन्क्रियाज़ का जानलेवा कैंसर हुआ और 2006 में वे अपने सारे संघर्षों को अलविदा कह गयीं।
संध्या नवोदिता ने कहा जैसा शारदा देवी का जीवन था और जिस साहस के साथ उन्होंने लड़कियों की ज़िन्दगी में उजाला भरा, ऐसी शिक्षक के प्रति हम हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं, और ऐसे शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करके हम उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।


