जुझारू मजदूर नेता कामरेड उमरावमल पुरोहित को सोशलिस्ट पार्टी की श्रद्धांजलि
जुझारू मजदूर नेता कामरेड उमरावमल पुरोहित को सोशलिस्ट पार्टी की श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। ऑल इंडिया रेलवे मैंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के अध्यक्ष वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता उमरावमल पुरोहित का आज तड़के मुबई में निधन हो गया। कामरेड पुरोहित पांच दशकों से ज्यादा समय तक रेलवे मजदूर आंदोलन में सक्रिय रहे।
सोशलिस्ट पार्टी की एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि वे 30 साल की उम्र में 1958 में वेस्टर्न रेलवे इम्पलाइ यूनियन के महामंत्री बने। 1962 में उन्हें ऑल इंडिया रेलवे मैंस फेडरेशन का सहायक महामंत्री बनाया गया। 1985 से वे समाजवादियों की ट्रेड यूनियन हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) का नेतृत्व भी करते रहे। 1980 से ऑल इंडिया रेलवे मैंस फेडरेशन के अध्यक्ष थे। उनका इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट फेडरेशन (आईटीएफ) से भी चार दशक तक सम्बंध रहा। 1998 में दिल्ली में सम्पन्न हुयी कांग्रेस में वे आईटीएफ के अध्यक्ष बने और 2000 में वैंकूवर में आयोजित कांग्रेस में एक बार फिर अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
कामरेड उमरावमल पुरोहित सोशलिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दो साल तक विशेष आमंत्रित सदस्य रहे और करीब तीन साल पहले हैदराबाद में हुई सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना में उनका सक्रिय योगदान था।
सोशलिस्ट पार्टी के दिल्ली कार्यालय में आज सुबह एक शोकसभा का आयोजन करके किंवदंति बन चुके मजदूर नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए भारत और दुनिया के मजदूर आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी और योगदान का जिक्र किया।
इस अवसर पर बोलते हुए पार्टी के महासचिव डॉ. प्रेम सिंह ने कहा कि आज जबकि मजदूर आंदोलन, कारपोरेट पूंजीवाद के हमले के कारण गहरे संकट से गुजर रहा है, कामरेड उमरावमल पुरोहित का जाना मजदूर वर्ग के लिए एक भारी क्षति है। सोशलिस्ट पार्टी मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए उनके संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है।
दिल्ली प्रदेश की अध्यक्ष रेणु गंभीर ने कामरेड पुरोहित के साथ अपने सम्बंध और सहयोग का स्मरण करते हुए कहा कि उनके जुझारू व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर मजदूरों के हित में कारपोरेट ताकतों के खिलाफ सोशलिस्ट पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।


