नई दिल्ली, 16 फरवरी। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने जेएनयू परिसर में दिल्ली पुलिस को तलाशी अभियान और छात्रों की गिरफ्तारी की अनुमति देने के कुलपति एम.जगदीश कुमार के फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए इस अनुमति को वापस लेने की मांग की है।
कुलपति के नाम पत्र में जेएनयूटीए ने लिखा है, "अंधाधुंध तलाशी और हमारे बच्चों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस को असीमित अधिकार देने वाला आपका पत्र निहायत आपत्तिजनक है।"
पत्र में कहा गया है, "हम आपसे आग्रह करते हैं कि कृपया एक पत्र जारी कर पूर्व में पुलिस को दी गई औपचारिक अनुमति वापस लें और हमारे समुदाय की नजरों में हमारे प्रशासन की साख को फिर से बहाल करें।"
पत्र में कहा गया है, "संसद के बनाए कानून पर आधारित हमारे विश्वविद्यालय के नियमों के तहत बने हमारे अपने संस्थागत तंत्र को जांच के लिए नष्ट करना कई सवाल खड़े कर रहा है।"
रपटों के मुताबिक, 11 फरवरी को दिल्ली पुलिस को विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है, "कुलपति पुलिस को इसकी अनुमति देते हैं कि यदि जरूरत हो और उचित हो तो वह जेएनयू परिसर में प्रवेश कर सकती है।"
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु की एक खबर के मुताबिक कुलपति ने सोमवार को कहा था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस नहीं बुलाई थी।
जगदीश कुमार ने कहा, "हमने पुलिस को नहीं बुलाया। पुलिस ने हमें पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि अज्ञात लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और वे हमसे जांच में सहयोग चाहते हैं। हमने उन्हें कानून के तहत कर्तव्य पालन के लिए प्रवेश की अनुमति दी।"