#झाबुआ विस्फोट : प्रशासन से पहले ही की गई थी शिकायत
#झाबुआ विस्फोट : प्रशासन से पहले ही की गई थी शिकायत
झाबुआ विस्फोट में प्रशासन की लापरवाही
नई दिल्ली। खबर है कि मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावाद में आबादी वाले इलाके में विस्फोटक का संग्रह होने की शिकायत प्रशासन से कई बार की गई थी, इसके बावजूद प्रशासन उदासीन रहा और शनिवार को इस जगह हुआ विस्फोटक 87 लोगों को मौत की नींद सुला गया।
#झाबुआ विस्फोट में प्रशासन की लापरवाही सामने आने के बाद भी सरकार कार्रवाई करने से कतरा रही है।
प्रतिष्ठित समाचार पत्र देशबन्धु के मुताबिक झाबुआ इलाके में बड़े पैमाने पर खनिज उत्खनन का काम होता है। यही कारण है कि विस्फोटक बेचने के कई लाइसेंस दिए गए हैं, जिन्हें लाइसेंस दिए जाते हैं उन्हें निर्देश हैं कि आबादी वाले इलाके में विस्फोटक का संग्रह न करें। इन निर्देशों के बाद भी शहरी आबादी में विस्फोटक संग्रह आम है। कुछ ऐसा ही पेटलावाद में राजेंद्र कासवा नामक व्यक्ति ने किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाके में विस्फोटक का गोदाम होने की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई थी, लेकिन उसे अनुसना कर दिया गया।
एक शिकायतकर्ता चेना लाल गहलोत ने मीडिया को बताया कि उसने पिछले वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रशेखर बोरकर से इस बाबत शिकायत की थी, लेकिन उन्हें डांटकर भगा दिया।
चेना लाल का कहना है कि उनके अलावा कई और लोगों ने भी शिकायत की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
शनिवार को भी स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया।


