जरा कलजेक पर हाथ रखकर सोचिए प्रधानमंत्री जी, कि महिषासुर, शंबूक और एकलव्य कौन थे?

नई दिल्ली। बिहार के राजनितिज्ञ व हिंदी लेखक प्रेमकुमार मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि वे झूठ के लाक्षागृह से निकल जाएं, इससे मोदी जी का तो क्या, राष्ट्र का ज्यादा भला होगा।

फॉरवर्ड प्रेस के संपादक प्रेमकुमार मणि का पत्र जारी करते हुए कहा है कि, “पिछले कुछ समय से चल रही जनन्य की घटनाएं ज्यादातर होती जा रही हैं। कल केेंद्रिय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने संदद में जो भाषण दिया, उसमें महिषासुर दिवस का भी जिक्र किया। इस संदर्भ में हम फारवर्ड प्रेस के आगामी अंक में कई सामग्रियाँ प्रकाशित कर रहे हैं। लेकिन मासिक पत्रिका होने की दिक्कत यह है कि जब तक वह अंक आपके हाथों में आएगा, तब तक कई बातें शायद पुरानी लगने लगेगी।”

प्रेमकुमार मणि ने कहा “कायद से होना तो यह चाहिए था कि इन तथ्यों को जनतान्त्रिक व समाजवादी, साम्यवादी मूल्यों के पक्षधर संदद सदन में रखते, जिससे यह बात दूर तक पहुंचती। कल राजय सभा में इसी विषय पर चर्चा है, देखना यह है कि कल सदन के सदस्य उसकी कितनी विरोध करते हैं।

प्रेमकुमार मणि का पत्र निम्नवत है

भारत को समझो मोदी जी!

मान्यवर मोदी जी, मैं समझता हूँ हर नागरिक को अपने प्रधानमंत्री से सीधे...