सशस्त्र सीमा बल की रिपोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी और उनकी सरकार के दावे की पोल खोल दी

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उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज दौरे के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक डॉ. कफील चर्चा में हैं और कई सवाल उठाये जा रहे हैं.. सभी इसी अजमंजस में हैं कि पीड़ित परिजनों की बात मानकर कफील को हीरो बनाया जाए... या फिर प्रशासन का एक्शन देखकर उन्हें विलेन बताया जाए... लेकिन इन सबके बीच सशस्त्र सीमा बल ने जो रिपोर्ट पेश की है... उसने मुख्यमंत्री योगी और उनकी सरकार के दावे की पोल खोलती है—

सशस्त्र सीमा बल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि...डॉ. कफील खुद मदद मांगने के लिए हमारे पास आए थे। जिसके बाद एसएसबी ने मदद के लिए अपने ट्रक भेजे...जिनमें अलग-अलग जगहों से ऑक्सिजन सिलेंडर इक्कट्ठे कर बीआरडी अस्पताल पहुंचाए गए...

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रिपोर्ट में कहा गया कि...डॉ. कफील के आग्रह के बाद ही ट्रक के साथ-साथ एसएसबी के 11 जवान भी मदद के लिए भेजे गए थे... सशस्त्र सीमा बल की रिपोर्ट से तो साफ हो गया कि डॉक्टर कफिल पीड़ित परिवार के लिए विलेन नहीं बल्कि मसीहा थे...लेकिन प्रशासन उन्हें बेकसूर मनाने को तैयार नहीं है...

आपको बता दें कि...अस्पताल प्रशासन ने डॉ कफील पर लापरवाही का आरोप लगाकर उन्हें पद से हटा दिया है...

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स्वास्थ्य महकमे के अफसरों का कहना है कि...कफील ने हीरो बनने के लिए मदद का नाटक किया।

चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि...एक दिन में 150 से ज्यादा सिलेंडर चाहिए होते हैं। दो-तीन सिलेंडर कहीं से मंगवा भी लिए तो उससे बहुत बड़ी मदद नहीं हो सकती। इतना ही नहीं डॉ कफील पर निजी अस्पताल से बिना अनुमति सिलेंडर मंगवाने, गुमराह करने और प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप भी लगाए गए हैं।

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वहीं अस्पताल प्रशासन के आरोप पर पीड़ित परिवारों का कहना है कि डॉ कफील उनके लिए भगवान बनकर आए हैं...जिन्होंने उनके बच्चों की सांसे चलाने के लिए अस्पताल को ऑक्सिजन सिलेंडर पहुंचाए...