तथाकथित अध्यक्ष जी ने बेच लिया मंत्री जी का नाम !
तथाकथित अध्यक्ष जी ने बेच लिया मंत्री जी का नाम !
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद 36 दर्जा प्राप्त मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी लेकिन सरकार और समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का एक बड़ा प्रकरण सामने आया है। ब्राह्मण युवजन सभा के नाम से एक संगठन प्रदेश में चल रहा है जिसके अध्यक्ष आशुतोष पाण्डेय पर राज्यमंत्री विजय मिश्रा के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप है, भुक्तभोगी कोई और नहीं बल्कि इस संगठन के प्रदेश महासचिव अनिल द्विवेदी स्वयं हैं।
श्री द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सारी बातें विस्तारपूर्वक बताई हैं, आइए देखते हैं क्या है इस पत्र में –
माननीय श्री अखिलेश यादव जी ,
मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश
Subject: माननीय मंत्री श्री विजय मिश्र के नाम पर फर्जी फेसबुक आई डी बनाकर, फ़ोन पर मंत्री विजय मिश्र बनकर एक संगठन के लिए धन उगाही कर सरकार को बदनाम करने के सन्दर्भ में -
महोदय ,
सेवा में निवेदन प्रार्थी निम्नवत है -
१-यह कि प्रार्थी भगवती शरण द्विवेदी @ अनिल द्विवेदी फैजाबाद जनपद के थाना रामजनम भूमि अंतर्गत कटरा मोहल्ले का स्थायी निवासी है और समाजवादी पार्टी का समर्पित कार्यकर्त्ता है !
२- यह कि प्रार्थी ने मार्च २०१४ में ब्राह्मण संगठन के रूप में कार्य कर रहे ब्राह्मण युवजन सभा को राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष पाण्डेय के आग्रह पर प्रदेश महासचिव के रूप में ज्वाइन किया और तन मन धन से संगठन विस्तार और ब्राह्मणों को एकजुट करने का पूरा प्रयास किया प्रार्थी की लगन और मेहनत के साथ प्रार्थी का सामाजिक संपर्क का दायरा विस्तृत देखते हुए मुझे राष्ट्रीय महासचिव १ महीने में ही मनोनीत कर दिया गया !
३- यह की लोकसभा चुनाव २०१४ में उत्तर प्रदेश ही नहीं अपितु गुजरात राजस्थान पश्चिम बंगाल तक हमने श्री आशुतोष पाण्डेय के साथ अपने निजी खर्चे पर पूरे ३ महीने समाजवादी सरकार के लिए प्रचार प्रसार में संलिप्त रहा और समाजवादी सर्कार के लिए ब्राह्मणों को लामबंद करता रहा !
४- यह कि प्रार्थी ब्राह्मण युवजन सभा को समाजवादी पार्टी का ही संगठन मान कर सबकुछ करता रहा क्यूंकि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आशुतोष पाण्डेय जी वैकल्पिक उर्जा मंत्री श्री विजय मिश्र को मुख्य संरक्षक और श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय को सीधे संगठन से जुड़े रहना बताते थे और इस कथन की पुष्टि के लिए वो मुख्यमंत्री महोदय के साथ बगल बैठकर खिचवाई फोटो भी दिखाते थे तथा अक्सर श्री गंगाराम जी जिनको माननीय मुख्यमंत्री जी का पी ए बताते थे उनसे बात् किया करते थे !
५- यह की १२ अप्रैल २०१४ को प्रार्थी की फेसबुक आई डी पर विजय मिश्र मंत्री उत्तरप्रदेश की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई जिसे प्रार्थी ने स्वीकार कर ली इसके बाद इस फेस बुक आईडी से डेली प्रार्थी को आदेश दिया जाता था की पूरे प्रदेश का दौरा अध्यक्ष आशुतोष जी को लेकर हर लोकसभा में करो ! प्रार्थी मंत्री जी का आदेश समझ कर करता रहा ! प्रार्थी ने पूरे प्रदेश में ६०० से ज्यादा नुक्कड़ सभाए आशुतोष जी के साथ की ! दर्जनों ब्राह्मण सम्मलेन कराये , लखनऊ प्रत्याशी श्री अभिषेक मिश्र के समर्थन में विज्ञापन तक दिलाये ! इन सबमे प्रार्थी ने पूरी निष्ठां और लगन से काम करके लगभग ६-७ लाख खर्च करके निजी तौर पर मंत्री जी के आदेशानुसार किया ! इस दौरान उक्त फेसबुक आईडी जो मंत्री विजय मिश्र जी के नाम से थी ने मुझे राज्यमंत्री बनवाने का वायदा भी किया और कहा की आपकी मेहनत से मान्नीय् नेता जी बहुत खुश हैं ! प्रलोभन देकर संगठन और व्यक्तिगत अध्यक्ष जी आशुतोष जी के निजी कार्य सम्पादित कराये जाते रहे और प्रार्थी निष्ठां भाव से करता रहा !
६- यह कि इस दौरान आयोजित कई सभाओं , श्री परशुराम जयंती कार्यक्रम में माननीय मंत्री श्री विजय मिश्र को प्रमुख अतिथि बताकर भव्य आयोजन मुझसे कराया गया किन्तु किसी भी कार्यक्रम में मंत्री जी नहीं आये बस उनका सॉरी का सन्देश ही फेसबुक पे आया !
७- यह की इन ३ महीनो में मंत्री श्री विजय मिश्र बनकर किसी ने मुझसे फ़ोन पर भी मोबाइल नंबर ८८८१९३५५५० से ३-४ बार बात की और आशुतोष जी को कभी ९५००० रुपये संगठन कार्यालय आवंटन शुल्क जमा करने हेतु देने , कभी ३०००० का मोबाइल दिलवाने , कभी उनकी सफारी का एक्सीडेंट होने की वजह बता कर गाड़ी मरम्मत केनाम पर ५०००० रुपये देने का दबाव दिया जाता था ! प्रार्थी मंत्री जी का आदेश समझकर सब करता रहा ! ये सारी बाते फेसबुक पर आज भी सुरक्षित हैं !
८-यह की इस बीच संगठन से जुड़े दर्जनों लोगो ने मंत्री विजय मिश्र के नाम से बनी आईडी से चाटिंग के दौरान पैसे किसी न किसी काम से आशुतोष जी को देने की बात बताई तब प्रार्थी को शक हुवा !
९- यह की प्रार्थी इस सबके बावजूद यकीन न कर सका जब तक माननीय मंत्री श्री विजय मिश्र जी से मुलाकात नहीं हो गयी ! प्रार्थी ने मुलाकात् में माननीय से जैसे ही कहा की सर आपने मुझसे जो भी कहा आज तक मैंने किया बस मंत्री जी ने कहा मैं तुमको जानता ही नहीं , हमारी कभी बात हीनही हुयी ना मैंने कोई कार्यक्रम दिया प्रार्थी निरुत्तर और अवाक रह गया !
१०- यह की प्रार्थी ने सारी बाते माननीय मंत्री श्री विजय मिश्र से उनके गोखले मार्ग स्थित आवास पर उनके निजी सहायक् त्रिपाठी के साथ जाकर न केवल बताई अपितु फेसबुक पर मंत्री बनकर की गयी सारी वार्ता भी दिखाई जिसपर मंत्री जी भी अवाक् रह गए ! यही नहीं माननीय मंत्री श्री विजय मिश्र ने मोबाइल संख्या ८८८१९३५५५० पर भी बात की उनको भी फ़ोन उठाने वाले ने खुद को मंत्री विजय मिश्र ही बताया और दबंगई से बात की १ यह सब जानकार प्रार्थी सन्न रह गया उसके पैरो तले जमीन खिसक गयी ! अगले दिन का समय लेकर प्रार्थी मंत्री जी के आवास से चला आया !
११- यह की प्रार्थी घोर धरम संकट में था की अब वो ब्राह्मण युवजन सभा के हजारों कार्यकर्ताओं को क्या जवाब दे ? प्रार्थी ने निकलते ही श्री आशुतोष पाण्डेय को फ़ोन मिलाया और पूरी घटना बताई बस वो नाराज हो गए कहने लगे आपको मंत्री के पास नहीं जाना था आप राष्ट्रीय अध्यक्ष से ऊपर नहीं हो गए मैं आज ही आपको संगठन से निकलता हूँ ये कहकर उन्होंने फोन काट दिया और मेरा फ़ोन उठाना बंद कर दिया ! यही नहीं संपर्क के प्रत्येक साधन फेसबुक आईडी से भी ब्लाक कर दिया और मेरे बारे में अनर्गल प्रलाप फेसबुक पे करने लगे जिससे छुब्ध होकर प्रार्थी ने एक आकस्मिक मीटिंग संगठन की बुलाई और सबके सामने पूरी बात राखी तो चौकाने वाली बात सामने आई ! मेरी तरह् सबसे आयोग में सदस्य बनवानेके नाम पर पैसे वसूले गए जिसने मना किया उसे उपेक्षित किया गया या बिना कारन बताये अध्यक्ष आशुतोष जी ने संगठन से निकाल दिया !
१२- यह की १ जून२०१४ को प्रार्थी ने मंत्री श्री विजय मिश्र केनाम पर वसूली की शिकायत माननीय मंत्री जी को लिखित रूप में दी जो अवलोकनार्थ संलग्न है जिसपर मंत्री जी ने प्रार्थी के सामने ही अपने ऑफिस प्रभारी को माननीय मुख्यमंत्री महोदय को कवरिंग लैटर बनाने का आदेश दिया और मामले की जांच कराकर कठोर कार्यवाही का आश्वासन भी दिया !
१३- यह की प्रार्थी के साथ हजारो साथियों ने आशुतोष जी की ठगी और विश्वासघात से तब्ग आकर ब्राह्मण युवजन सभा से त्यागपत्र दे दिया और नया संगठन अखिल भारतीय सवर्ण सभा का गठन किया ! ब्राह्मण युवजन सभा की उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश पंजाब , पश्चिम बंगाल , गुजरात इकाई ने सवर्ण सभा ज्वाइन कर ली जिससे आशुतोष जी व्यक्तिगत दुश्मनी पर उतारू हो गए हैं !
१४- यह की श्री आशुतोष पाण्डेय जी ने माननीय मंत्री जी के नाम पर फर्जी आईडी बनायीं और फर्जी सिम लेकर मंत्री विजय मिश्र बनकर सबसे वसूली की यह बात कई तरह से सामने आ चुकी है ! जिससे समूचे ब्राह्मण समाज और समाजवादी पार्टी की छवि धूमिल हुयी है तथा माननीय मंत्री विजय मिश्र का नाम बदनाम हुवा है ! आशुतोष पाण्डेय द्वारा जारी संलग्न पत्र समाजवादी सर्कार को बदनाम करने और मंत्री के नाम पे वसूली करने का स्पष्ट प्रमाण है !
अतः श्रीमान जी से निवेदन है की अविलम्ब प्राथमिकी दर्ज कराकर दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही कराये ताकि समाजवादी पार्टी के नाम का दुरूपयोग कर चल रहे इस पाखंड का खुलासा हो सके लोग इस ठगी का शिकार होने से बच सकें ! आरोपों के संदर्भमें सैकड़ो साक्ष्य हैं जिसे वक्त आने पर पेश किया जायेगा !
प्रार्थी-
भगवती शरण द्विवेदी @ अनिल द्विवेदी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतीय सवर्ण सभा
६९८ कटरा अयोध्या फैजाबाद उत्तर प्रदेश
8960822000


