देखिए कैसा सतयुग आया है, वो अपने ही ख़िलाफ़ जाँच कराने का आदेश दे बैठे हैं
हर्ष देव

यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया। मथुरा के जवाहर बाग़ में हुई हिंसक घटना में एसपी और एसओ की हत्या के बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस को शुक्रवार को साफ निर्देश दिया कि उपद्रवियों पर तत्काल मुक़दमे दर्ज करके सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जाए। जय हो, अब मुख्यमंत्री को अपनी पुलिस को यह सब भी बताना पड़ता है !
... पहले जय गुरुदेव की मौत के बाद शिष्यों के पास जमा कई करोड़ की संपत्ति को सत्ता की हनक और धौंस के बल पर हथियाया। फिर उन्होंने मथुरा में ही विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बाँकेबिहारी मंदिर के चढ़ावे पर क़ब्ज़े के लिए चाल चली, हालाँकि मंदिर के पुजारियों और ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण उसमें नाकाम हो गए।
इसी बीच यूपी के इस रहबर ने जय गुरुदेव के चेलों के एक नए गुट को जवाहर बाग़ पर क़ब्ज़ा ज़माने का काम सौंप दिया कि क़रीब 300 एकड़ की वन विभाग की इस ज़मीन पर एक नया आश्रम बनवाकर कमाई की स्थायी व्यवस्था कर ली जाए। साथ ही एक भव्य कॉलोनी भी वहाँ बना ली जाए।
हक़ीक़त तो यह है कि इस ज़मीन को निन्यानवे साल के पट्टे पर देने की पूरी तैयारी राज्य सरकार की ओर से की जा चुकी थी। अब वही रहबर 'लाशों पर राजनीति' न करने की नसीहत दे रहे हैं। रहबर जो ठहरे। अब वो कह रहे हैं कि मथुरा मामले की जाँच कराई जा रही है।
देखिए कैसा सतयुग आया है, वो अपने ही ख़िलाफ़ जाँच कराने का आदेश दे बैठे हैं।