तीन नवयुवकों की हत्या के बाद कश्मीर में तनाव, बुधवार को कश्मीर बंद
तीन नवयुवकों की हत्या के बाद कश्मीर में तनाव, बुधवार को कश्मीर बंद
नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला जिले से खबर आ रही है कि सेब के बगान में सोमवार को तीन युवकों के शव मिलने के बाद मंगलवार जिले में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर-मुज्जफराबाद मार्ग पर नरबल, पट्टन, पल्हालान और संगरामा में पथराव किया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित किया।
राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष हुआ।
हालांकि थोड़ी देर में यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी फिर से गोलबंद हो गए और सुरक्षाबलों और राजमार्ग से जा रहे निजी और सरकारी वाहनों पर पथराव करने लगे।
कश्मीर के समाचारपत्र सच न्यूज़ ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर खबर दी है कि उत्तरी कश्मीर के अनेक कस्बों में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुए। सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व पैट्रोल पम्प बंद रहे जबकि सार्वजनिक यातायात बहाल रहा।
सच न्यूज़ के मुताबिक ऑल पार्टी हुर्रियत कान्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली गिलानी ने पट्टन में तीन युवकों की निर्मम हत्या के विरोध में 16 सितंबर को प्रदेशव्यापी संपूर्ण बंद का आव्हान किया है।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित खबर के अनुसार पुलिस ने मारे गए तीनों युवकों को हिजबुल मुजाहिदीन से अलग हुए आंतकी संगठन, लश्कर-ए-इस्लामी का सदस्य बताया था। इन घटना के विरोध में पत्तन, पल्हालन और सोपोर शहरों में पूर्ण बंद रहा। पुलिस के मुताबिक, युवकों की हत्या आतंकी कमांडर कयूम नजर के संगठन लश्कर-ए-इस्लामी और हिजबुल मुजाहिदीन के बीच आपसी दुश्मनी के कारण हुई थी।
पुलिस ने पत्तन इलाके में सेब के एक बगीचे से बरामद तीनों शवों की पहचान लश्कर-ए-इस्लामी के सदस्यों के रूप में की थी।
इसी बीच हिजबुल मुजाहिदीन ने वक्तव्य जारी किया है कि लश्कर-ए-इस्लामी नामक कोई आतंकी संगठन नहीं है। वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि तीनों युवक हिजबुल के सदस्य थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने मारा है।
अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी, मुहम्मद यासीन मलिक ने बुधवार को तीनों युवकों की हत्या के विरोध में बंद का आह्वान कर रखा है।


