दिनकर कपूर
फिर गांधी उतर आए जमीं पर
हाथ में झाडू लिए
सूखे पत्तों को साफ करते वह भी बहार में
दो साल पहले हमने देखा
गांधी के दूसरे अवतार को
जैसे गणेश ने दूध पिया था लड्डू की जगह
बीस साल पहले
वैसे ही अवतरित गांधी ने बताया कि
भ्रष्टाचार कारपोरेट की वजह से नहीं
तुम्हारी वजह से है
हम सब आप हो गए
नारा लगा
हम भी भ्रष्ट तुम भी भ्रष्ट सब है भ्रष्ट
भ्रष्ट को दूर करो
2 जी, कोयला, खेल, रेल के धोटाले धुधं में समा गए
लोकपाल जोकपाल बन गया
सोना चोर बच गए लेखपाल फंस गए
अब हुआ गांधी का तीसरा अवतार
ग्रीन गैस से तबाह होती दुनिया
कारपोरेट कचरे से तबाह होती दुनिया
पानी हवा के जहर से तबाह होती दुनिया
सोनभद्र के बेलहत्थी में जहर से मरते आदिवासी बच्चे
डडीयरा, करमड़ाड, फालोरोसिस, सिलकोसिस
बात मत करो इस पर कहते नए गांधी
देखों मत इसे कहते नए गांधी
सुनना नहीं इस बारे में कहते नए गांधी
लंगोटा नहीं है
दिन में कई बार कपड़े बदलते हैं नए गांधी
हर शो में नए दिखते राक स्टार नए गांधी
हाथ में झाडू फावड़ा लिए फिरते नए गांधी
नारा है
तू भी गंदा मै भी गंदा हम सब गंदा
साफ है अडाणी, अम्बानी, अमेरिका
याद रखना ये गांधी का अवतार
फिर से गांधी को ही कर देगा साफ।
दिनकर कपूर, लेखक आइपीएफ के प्रवक्ता हैं।