नई दिल्ली, 17जनवरी। समाजवादी पार्टी और साइकिल को लेकर जारी सस्पेंस पूरी तरह से खत्म हो चुका है। पिता और पुत्र के बीच चली इस लड़ाई में चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को विजेता घोषित कर दिया है। पार्टी, पद और पहचान सभी अखिलेश को मिल चुकी है और इसी के साथ ही शुरू हो चुका है अखिलेश युग।

चुनाव आयोग से मिली जीत के बाद अखिलेश यादव का बयान आया है उन्होंने कहा है कि जल्द ही गठबंधन का ऐलान कर दिया जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे पास वक्त कम है। वहीं उन्होंने पिता मुलायम को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि लड़ाई ज़रूर है, लेकिन वह मेरे पिता हैं।

तो अखिलेश के बयान से ये साफ है कि गठबंधन तय है।

कल देर शाम चुनाव आयोग का फैसला आते ही कांग्रेस की तरफ से भी एक बयान आया।

कांग्रेस ने कहा कि यूपी में अखिलेश गठबंधन में साथ आए तो चुनाव परिणाम ऐसे होंगे जैसे किसी ने नहीं देखे होंगे।

हालांकि इसके साथ ही सूत्रों के हवाले से एक और खबर आ गई कि कांग्रेस गठबंधन के लिए 100 सीटों की मांग कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक महागठबंधन को अखिलेश यादव लीड करेंगे।

दूसरी तरफ अब मुलायम सिंह यादव के अगले कदम पर भी सबकी निगाहे हैं कि मुलायम सिंह यादव का अगला दांव क्या होगा।

मुलायम के पास सबसे पहला विकल्प यह है कि वह कोर्ट जाकर चुनाव आयोग के फैसले पर स्टे की अपील करें।

हालांकि इस विकल्प को अपनाने से मुलायम को कोई खास फायदा होने वाला नहीं है।

वहीं उनके पास दूसरा विकल्प ये होगा कि वह अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष मानते हुए संरक्षक की भूमिका स्वीकार कर लें। या फिर अब तक जिस तरीके के संकेत मिल रहे हैं, उनसे मुलायम के सामने चुनावों में जाने का रास्ता चुनने की मजबूरी होगी।

तो क्या समाजवादी पार्टी में जारी घमासान में ब्रेक लग गया है।

लेकिन इसके बाद क्या होगा। इस पर सबकी निगाहें इस पर हैं..

सपा, कांग्रेस और आरएलडी के बीच कितनी सीटों पर गठबंधन होगा और वहीं मुलायम सिंह यादव अब क्या करेंगे।