तो संन्यास ले लेंगे राजनाथ! पीएमओ को देनी पड़ी सफाई
तो संन्यास ले लेंगे राजनाथ! पीएमओ को देनी पड़ी सफाई
आरोप साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूँगा- राजनाथ
नई दिल्ली। अपने बेटे पंकज सिंह को लेकर पिछले एक पखवाड़े से चल रही अफवाह पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली बार मुंह खोलते हुए कहा है कि जो आरोप लग रहे हैं अगर वह साबित हो गए तो मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा।
इस बीच, एक निजी चैनल ने दावा किया है यह पूरी तरह से अफवाह का मामला नहीं है। चैनल के मुताबिक, राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह के राजनीतिक आचरण और बिजनेस डील्स को लेकर सरकार की ओर से बात की गई थी। इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बयान जारी कर अफवाहों के बेबुनियाद बताया है।
इधर राजनाथ सिंह की धमकीके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय भी दबाव में आ गया। पीएमओ की ओर से बाकायदा प्रेस बयान जारी कर कहा गया है, 'ये रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी, प्रायोजित हैं। ये रिपोर्टें किसी व्यक्ति के चरित्रहनन का दुर्भावनापूर्ण प्रयास है तथा सरकार की छवि को धूमिल करने वाली हैं। जो लोग इस तरह की अफवाहें फैलाने के काम में लगे हैं, वे देश हित को हानि पहुंचा रहे है। ऐसी रिर्पोटों का दृढ़ता से खण्डन किया जाता है। '
नवभारत टाइम्स ने राजनाथ सिंह का बयान प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है, 'पिछले 15-20 दिनों से मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ अफवाह चल रही थी। शुरू में मैंने सोचा कि अफवाहों के सिर-पैर नहीं होते और समय के साथ यह खत्म हो जाएगी, लेकिन मैंने देखा कि निरंतर यह अफवाह बढ़ती जा रही है तो मैंने प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को इसकी जानकारी दी।' बकौल, राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री ने भी इस अफवाह पर आश्चर्य जताया है।
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में अफवाहें चल रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई मौकों पर कुछ नेताओं को उनके आचरण के लिए फटकार लगाई है। यह भी अफवाह थी कि एक केंद्रीय मंत्री के करीबी रिश्तेदार ने किसी की पोस्टिंग कराने के लिए पैसे लिए थे। मोदी ने उस शख्स को बुलाकर डांट पिलाई थी और पैसे लौटाने का निर्देश दिया था। अफवाह है कि यह शख्स कोई और नहीं पंकज सिंह थे।
नभाटा के मुताबिक गृह मंत्री से जब पूछा गया कि उनके खिलाफ कौन से तत्व अफवाह फैला रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि यह काम आप खोजी पत्रकारों का है और मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस मसले को लेकर उन्होंने संघ में किसी से बात नहीं की है। राजनाथ ने कहा, 'मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस दिन मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ प्रथम दृष्टया भी कोई आरोप साबित होता है मैं सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लूंगा।
राजनीतिक समीक्षकों के मुताबिक यह पूरा मामला पार्टी और सरकार में शक्ति के संघर्ष से जुड़ा है। राजनाथ सिंह को लगातार किनारे करने का प्रयास किया जा रहा ता और कल अमित शाह की घोषित कार्यकारिणी में राजनाथ का नाम अडवाणी, जोशी, मुम. जोशी के साथ मार्गदर्शक मंडल में शामिल किए जाने पर साफ संकेत गया था कि अब अवाजो की गति प्राप्त होने की अगली बारी राजनाथ सिंह की है। इसके बाद ही राजनाथसिंह ने मोदी एंड शाह कंपनी के खिलाफ मजबूती से परोक्ष मोर्चा खोला और उनका वार लगभग कामयाब भी रहा।


