तोते की स्वायत्तता के बारे में हलफनामे के मसौदे को केबिनेट की मंजूरी
तोते की स्वायत्तता के बारे में हलफनामे के मसौदे को केबिनेट की मंजूरी
नई दिल्ली। केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल ने कोयला क्षेत्र के लिये एक स्वतन्त्र नियामक प्राधिकरण बनाने तथा कोयला नियमन प्राधिकरण विधेयक-2013 को संसद में पेश करने को भी मंजूरी दे दी है। यह निर्णय कल मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया।
समझा जाता है कि इस फैसले का उद्देश्य कोयला स्रोतों का नियमन और संरक्षण करना तथा सभी सम्बद्ध पक्षों के फायदे को ध्यान में रखना है। खबर है कि वित्त मन्त्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि विधेयक के पारित होने से पहले प्रशासनिक आदेश के जरिए कोयला नियामक की स्थापना कर दी जायेगी।
यह बिल संसद में पेश किया जायेगा। इसके तहत नियामक को कोयले की क्वालिटी के ग्रेड तय करने के लिये टेस्टिंग के तरीके निर्धारित करने और खदानों की निगरानी करने तथा उन्हें बंद करने का अधिकार प्राप्त होगा। साथ ही उसे कोयले की धुलाई की प्रक्रिया के दौरान मिले किसी भी अन्य सह-उत्पाद और कच्चे कोयले तथा साफ कोयले की कीमत तय करने के तरीके और सिद्धान्त निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त होगा।
नई दिल्ली में आज वित्त मन्त्री ने बताया कि मंत्रिमण्डल ने सीबीआई की स्वायत्तता के बारे में हलफनामे के मसौदे को भी मंजूर कर दिया है। इसे तीन जुलाई, 2013 से पहले उच्चतम न्यायालय में दाखिल किया जायेगा।
बताया जाता है कि मंत्रिमंडल ने कुछ अन्य फैसलों को भी मंजूरी दी है जिनमें दो संचार उपग्रहों-जीएसएटी-15 और जीएसएटी-16 की स्थापना और कोलाबा-बांद्रा-सांताक्रुज मुंबई मैट्रो लाइन का निर्माण शामिल है। इसके अलावा लक्ष्यद्वीप में सब्सिडी से पवन हँस हेलीकॉप्टर सेवायें जारी रखने के फैसले को भी स्वीकृति प्रदान की गयी।


