थाने में युवक की पीट-पीट कर हत्या
थाने में युवक की पीट-पीट कर हत्या
राजस्थान पीयूसीएल ने की जाँच की मांग
जयपुर । राजस्थान में हिरासत में हिंसा का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में 12 जुलाई की रात में पाली जिले के गुढ़ा एमडला थाने में पुलिस ने एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला। पीयूसीएल राजस्थान ने इस घटना की निंदा करते हुए हिरासत में हिंसा की घटनाओं पर गंभीर चिन्ता व्यक्त की है।
थाना गुढ़ा एमडला में चोरी के आरोप में थानाधिकारी भरत देवासी ने रमेश पुत्र भैरालाल नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के नाम पर युवक को इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसी रात करीब 2 बजे दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर गंभीर घाव और अप्राकृतिक यौन हिंसा के सबूत पाये गये।
घटना के बाद आक्रोश को दबाने के लिए आरोपित थाने के सभी स्टाफ को निलंबित कर दिया गया एवं एस.एच.ओ. पर धारा 302 का मामला दर्ज किया है। इससे पहले 5 जून को नागौर थाने में पुलिस प्रताड़ना से आज़िज आ कर मोहम्मद रफीक ने आत्महत्या कर ली थी।
राजस्थान में जून 2010 से अब तक हिरासत में हिंसा के 11 से ज्यादा मामलें दर्ज किए गए जिसमें 5 लोगों की हत्या, 3 महिलाओं के साथ यौन हिंसा की घटनाएं शामिल है। पिछले वर्ष कोटा जिले में एक थाने में महिला कांस्टेबल की उसके साथी सहकर्मियों द्वारा बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी।
पीयूसीएल राजस्थान की महासचिव कविता श्रीवास्तव व उपाध्यक्ष राधाकांत सक्सेना ने सरकारी कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस सम्बन्ध में ठोस एवं कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि हिरासत में होने वाली हिंसा खत्म की जा सके। इन नेताओं ने कहा कि राजस्थान पुलिस रक्षक की जगह भक्षक की भूमिका में आ गई है। पीयूसीएल ने हिरासत में हिंसा के घटनाओं के जांच की मांग की है।
मीडिया चार्जशीट ब्यूरो


