दलित छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एएसएफ की हुंकार
वर्धा : अंबेडकर स्टूडेट्स फोरम (एएसएफ) के बैनर तले छात्रों ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) के मेन गेट पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) प्रशासन का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन उक्त् विवि में आठ दलित छात्रों को बर्खास्त करने के विरोध में किया गया।

अंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम के केंद्रीय समिति के कार्यकर्त्ता रजनीश कुमार अंबेडकर ने कहा कि बर्खास्त हुए आठ छात्रों में श्रेयात बौद्ध व संदीप शास्त्री भी शामिल हैं, जिन्होंने वहां पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में जनरल कैटेगरी में टॉप किया है। विवि प्रशासन ऐसे मेधावी छात्र को बर्खास्त कर उसका भविष्य बर्बाद करने पर तुला हुआ है।
BBAU के पूर्व छात्र रहे मिथिलेश बौद्ध ने कहा कि वहां का प्रशासन पहले भी छात्र-विरोधी कृत्यों को करता रहा है।
अनु सुमन बड़ा ने कहा हैदराबाद की तर्ज पर फिर से छात्रों को रोहित वेमुला बनाने पर मजबूर किया जा रहा है।

सभी छात्रों ने एक आवाज में कहा कि वह ऐसा अन्याय किसी कीमत पर नहीं होने देंगे।

छात्रों का कहना था कि विवि प्रशासन को तत्काल छात्रों की बर्खास्तगी बिना शर्त वापस लेनी होगी, वरना देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। देश में बार-बार दलित, ओबीसी और आदिवासी छात्रों का ही शोषण क्यों किया जाता है, क्यों कुछ विशेष वर्ग के लोग उन्हें आगे बढ़ने नहीं देना चाहते।
छात्रों ने जय भीम का नारा लगाते हुए बीबीएयू विवि प्रशासन की कार्रवाई की कड़े शब्दों में भर्त्सना की।
पुतला फूंकने वालों में मिथिलेश बौद्ध, अनुसुमन, दिलीप, रविन्द्र , रचना, सोनम, सत्यवंत यादव, राकेश दर्रो, पन्नालाल धुर्वे, आम्रपाली, बबिता, ज्ञानचंद्र पाल, ब्रजेन्द्र गौतम, राधेश्याम यादव, निरंजन, आशु, रवीन्द्र यादव, राकेश यादव, फिरोज, दिलीप गिरहे आदि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।