दिल्ली के आंगनवाड़ी कर्मचारियों अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी
27 जुलाई को मिलेंगे नजीब जंग से
नई दिल्ली, 26 जुलाई। पिछले 20 दिनों से मुख्यमन्त्री केजरीवाल के निवास पर प्रदर्शन कर रहे दिल्ली के आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने ‘दिल्ली स्टेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन’ के नेतृत्व में रविवार को मुख्यमन्त्री निवास पर पहले ‘महाजुटान’ किया और फिर वही से दिल्ली विधानसभा तक ‘विशाल-रैली’ निकाली। इस विशाल रैली में लगभग 2000 आंगनवाड़ी कर्मचारी शामिल हुईं। इस विशाल रैली में इन महिलाओं कर्मचारियों के साथ उनके बच्चे भी थें। अपनी मांगों की तख्तियां हाथों में लिए ये कर्मचारी -‘बकाये मानदेय का बढे़ हुए रेट से भुगतान करो’, ‘केजरीवाल सरकार अपने वायदे पूरे करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। आंगनवाड़ी कर्मचारियों की इस ‘विशाल रैली’ ने दिल्ली सरकार पर दबाव बना दिया है। इस यूनियन की सदस्या शिवानी ने बताया कि अब 27 जुलाई को हमारा एक प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली के उप-राज्यपाल से मुलाकात करेगा। और फिर 28 जुलाई को प्रशांत भूषण मिलेंगे।
ज्ञात हो कि ये आंगनवाड़ी कर्मचारी 7 जुलाई से अपनी जायज माँगों को लेकर मुख्यमन्त्री निवास पर प्रदर्शन कर रही हैं। कोई सुनवाई न होने पर इन्होंने 18 जुलाई से पहले क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की और फिर 23 जुलाई से चार महिला समेत पाँच लोग ‘अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल’ बैठे हुए हैं, जो रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। इन आंगनवाड़ी कर्मचारियों की तात्कालीक मुख्य मांगें- ‘पिछला बकाये का भुगतान बढ़े हुए रेट से तत्काल किया जाये,’ ‘भुगतान हर माह की 10 तारीख तक कर दिया जाये, आंगनवाड़ी बीमा योजना लागू की जाये’ है। अपने आप को आम आदमी का हिमायती बताने वाली केजरीवाल सरकार इनकी मांगें तक सुनने को तैयार नहीं हो रही है।
यूनियन की सदस्या राधा ने बताया कि केजरीवाल सरकार इतनी गूंगी-बहरी हो गई है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बैठी महिलाओं की सुध भी नहीं ले रही है।
यूनियन के सदस्य नितिन बताया कि सोमवार से पूरी दिल्ली आंगनवाड़ी सेण्टर बन्द किये जा रहे हैं और अगर दो से तीन दिन में केजरीवाल सरकार ने हमारी मांगों ध्यान नहीं दिया तो दिल्ली में चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
यह जानकारी एक विज्ञप्ति में दी गई