चार साला बीए प्रोग्राम पर एबीवीपी के पाखण्ड का पर्दाफाश किया एसवाईएस ने
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के अंतिम दिन सभी छात्र संगठनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

सोशलिस्ट युवजन सभा (एसवाईएस) की ओर से आज विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के विभिन्न कॉलेजों का दौरा किया गया। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निखिल पाण्डेय, सचिव पद के उम्मीदवार विष्णु और सह सचिव पद के उम्मीदवार विवेक कुमार जैसवाल ने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि चुनाव में सफल होने पर यह अपने घोषित कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।

अध्यक्ष पद के उम्मीदवार निखिल पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि एफवाईयूपी के विरोध के मुद्दे पर हमारा संगठन सिर्फ विश्वविद्यालय तक सिमटा हुआ नहीं रहेगा बल्कि हम दिल्ली शहर की बस्तियों और गाँवों में जाकर छात्रों के साथ अभिभावकों को भी इस आन्दोलन से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि एबीवीपी चार साला बीए प्रोग्राम पर पाखंड कर रही है। भाजपा के नेताओं ने एफवाईयूपी का बयान देकर समर्थन किया। यह छात्र विरोधी फैसला जब थोपा गया उस समय एबीवीपी ने उसका आगे आकर विरोध नहीं किया।

सचिव पद के उम्मीदवार विष्णु ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे जीतने पर उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मौजूदा फीस 1000 रुपये की जगह पहले की दर पर 100 रुपया करायेंगे। वहीं संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार विवेक कुमार जायसवाल ने कहा कि सोशलिस्ट युवजन सभा ही एक ऐसा संगठन है जो लिंगदोह कमेटी के नियमों के तहत चुनाव लड़ रही हैं। चुनाव प्रचार में पूरी तरह से हस्तलिखित सामग्री का प्रयोग कर बाकी संगठनों के अंधाधुंध खर्चे एवं ताकत को चुनौती दे रहा है। छात्र राजनीति की नई शुरूआत हम दिल्ली विश्वविद्यालय में कर रहे हैं एवं विद्यार्थियों के सामने नए विकल्प रख रहे हैं। छात्रों की समस्याओं एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्र विरोधी रूख को लेकर एसवाईएस लगातार आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध है।