दीवारों पर लोगों की मांगों को लिखने वाले युवा के पीछे पड़ी पुलिस
दीवारों पर लोगों की मांगों को लिखने वाले युवा के पीछे पड़ी पुलिस
राम प्रकाश, सामाजिक रूप से जागरूक दलित युवा है। उ.प्र. की मुख्यमंत्री के सम्भावित दौरे को देखते हुए जिलाधिकारी, हरदोई, ए.के. सिंह राठौर जब 22 फरवरी, 2011, को ग्राम पंचायत लाला मऊ मवई पहुंचे तो उन्होंने पाया कि चारों तरह दीवारों पर लोगों की कुछ मांगें लिखी गईं हैं। ये राम प्रकाश व उसके साथियों ने लिखी थीं। गांव वाले प्राथमिक विद्यालय की अपूर्ण दीवार को पूरा करने की मांग कर रहे थे। एक स्वास्थ्य उप-केन्द्र जो स्वीकृत हुआ है और जिसे ईंट भट्ठा मालिक अमित सिंह जो यहां की पंचायत पर अपने नौकर और असली ग्राम प्रधान परागी लाल के माध्यम से काबिज हैं, अपने गांव जखसरा में बनवाना चाहते हैं, को गांव वाले लाला मऊ या मवई गांवों में बनवाना चाहते हैं। लाला मऊ व मवई अम्बेडकर गांव हैं जबकि जखसरा नहीं है। इसके अलावा गांव वाले पास बहने वाली नहर का पानी गांव में लाने के लिए नहर पर एक झाल बनवाना चाहते हैं। जिलाधिकारी इन मांगों को दीवारों पर लिखा देख काफी नाराज हुए। अब पुलिस राम प्रकाश को खोज रही है और राम प्रकाश भागे-भागे फिर रहें हैं। 23 फरवरी की शाम तक पुलिस राम प्रकाश के घर पर थी और दीवारांे को लिखी मांगों को मिटा रही थी।
अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त प्रशासन लोगों की जायज मांगों को, जो शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक ढंग से उठाई जा रही हैं, को ताकत के बल पर दबाना चाहता है। जिलाधिकारी महोदय को बचाने के लिए पुलिस गांव वालों को आतंकित कर रही है। यदि जिला प्रशासन ने लोगों की मांगों पर पहले ध्यान दिया होता तथा उनको सुलझाने की कोशिश की होती तो आज यह नौबत न आती कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने के लिए पुलिस कर सहारा लेना पड़ता।
राम बाबू, 9452144454,
भगवानदीन,
मोहन लाल,
संदीप पाण्डेय, 0522 2347365
आशा परिवार, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, लोक राजनीति मंच


