डॉ. इमरान इदरीस

वर्तमान समय की राजनैतिक परिस्थितियों में आज देश के दबे, पिछड़े, शोषित, अल्पसंख्यक, नौजवान, किसान और मजदूरों के सबसे बड़े नेता साबित हो रहे हैं अखिलेश।

यदि विगत 5 माह की राजनीति पर नजर डालें तो समाजवाद की विचारधारा को लेकर समाजवादी पार्टी विशेष रूप से आगे बढ़ती है।

समाजवादी पार्टी ने विगत कई साल में देश को नया राजनैतिक परिदृश्य और नेता उपलब्ध कराएं जो कि नौजवान और वर्तमान परिस्थितियों में देश की राजनीति के लिए सबसे आवश्यक है।

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देश की राजनीति के बदलते परिदृश्य में आज भाजपा सरकार जिस प्रकार दबाव की राजनीति करके दलों में फूट डलवाकर देश को एक ही राजनीति की दिशा में ले जाना चाहती है उसमें आज अगर कोई सबसे बड़ा रोड़ा है तो वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं।

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वर्तमान परिस्थितियों में जहां कांग्रेस अपना मत खो चुकी है। राहुल गांधी जी को जनता स्वीकार्य नही कर रही है। वही मायावती जी अपने वोट बैंक का विश्वास हासिल करने के लिए जूझ रही है।

वहीं पर समाजवादी पार्टी का नौजवान नेता आज देश की राजनीति के लिए सबसे आदर्श विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

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श्री शिवपाल यादव जी की केंद्रीय सरकार से मित्रता एवं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय सरकार से मित्रता अब ना कार्यकर्ता और ना मीडिया की आंख से छुपी हुई है।

लेकिन इन सभी परिस्थितियों में जिस प्रकार का सामना श्री अखिलेश यादव जी कर रहे हैं वह उनकी भविष्य की राजनीति के लिए प्रेरक है। यह समय जो कि पार्टी के लिए एक संक्रमण काल है उस काल में अखिलेश जी का कद देश के महानतम नेताओं में स्वीकार्य होने जा रहा है क्योंकि जिस विचारधारा की लड़ाई वह लड़ रहे हैं या जिस विचारधारा की लड़ाई से वह राजनीति में प्रेरक बने हुए हैं वह उस विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे।

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आने वाले पाँच साल वो समय है जो उनको बहुत मजबूती प्रदान करने वाला है। बस वो मजबूती के साथ खड़े रहे और विपक्ष को एक करें। ठीक वैसे ही जैसे एक समय में उनके पिता परमादरणीय नेताजी ने देश का विपक्ष तैयार किया था।

लेकिन वर्तमान समय की राजनीति अधिक खतरनाक है क्योंकि तब विपक्ष के साथ लोग थे लेकिन वर्तमान पतिस्तिथियो में एक मीडिया प्रोपेगेंडा है जो सरकार की उंगलियों पर नाच रहा है और जनता अवश्य कभी ना कभी उस नींद से जागेगी जो नींद उसको भाजपाई परिदृश्य दिखा रहा है।

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अखिलेश यदि अपने विचारों से आज समझौता नही करते हैं तो वह निश्चित ही देश के दबे, पिछड़े, शोषित व अल्पसंख्यको की आवाज़ बनेंगे।

डॉ. इमरान

समाजवादी पार्टी।

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