दो सूबों के बीच रसगुल्ला युद्ध
दो सूबों के बीच रसगुल्ला युद्ध
रसगुल्ला सिर्फ चाशनी में पगी हुई पनीर की मिठाई नहीं है।
यह हमारी संस्कृति भी है
सुधीर विद्यार्थी
हमारे दो सूबे इन दिनों रसगुल्ला युद्ध में संलिप्त हैं। बंगाल कहता है, रसगुल्ला मेरा है तो उड़ीसा का दावा है कि रसगुल्ले पर उसका पैतृक अधिकार है। कौन जाने इस लड़ाई को सुनकर मेरा मन बार-बार रसगुल्ला हुआ जा रहा है।
बंगाल का रहने वाला जब रसगुल्ला बोलता है तब उसका पूरा व्यक्तित्व रस में सराबोर हो जाता है। बंगाली के मुंह से ’रसोगोल्ला’ सुनने में उतना ही आनंद आता है जितना उसे खाने में।
मसला यह है कि रसगुल्ला पहले उड़़ीसा में बना या बंगाल में। बंगाली रसगुल्ला पर अपना जीआई निशान चाहते हैं। वहीं उड़ीसा के लोग कहते हैं कि रसगुल्ले का आविष्कार 12वीं सदी में जगन्नाथपुरी में हुआ।
अब इस लड़ाई को जीतने के लिए दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं, जो यह साबित कर सकें कि पहला रसगुल्ला कहां बना।
जो भी हो, रसगुल्ले की यह लड़ाई है बड़ी दिलचस्प। यह उतनी ही रस भरी है जितना कि चाशनी में डूबा-पगा रसगुल्ला।
एक बार कलकत्ते की एक सड़क पर हमारे मित्र ने रसगुल्ला इस शर्त पर खिलाया कि उसे पूरा एक बार में मुंह में रखने के बाद रसगुल्ला बोलना होगा। मैंने वैसा ही किया तो सुनकर आसपास खड़े बंग बंधु भी हंसने लगे।
रसगुल्ला सिर्फ चाशनी में पगी हुई पनीर की मिठाई नहीं है। यह हमारी संस्कृति भी है जो हमारे पकवानों और व्यंजनों में अभिव्यक्त होती है। किसी कवि ने सच कहा है कि अगर मिठाई नहीं होती तो कविता और कला भी नहीं होती।
क्या रसगुल्ले पर कोई कविता रची सकती है जिसमें रसगुल्ले की मानिंद मिठास हो। वैसे रसगुल्ला बनाना भी एक कला है पर उसका अहसास डिब्बाबंद रसगुल्ले खाने से नहीं होता। रसगुल्ले के साथ स्थिति यह है कि उसे खाकर आप तृप्त नहीं हो सकते।
अच्छा रसगुल्ला बार-बार आपको अपनी ओर खींचता है। रसगुल्ले को देखना भी एक सुखद अनुभव है। जो मन में रस घोल दे वही रसगुल्ला।
रसगुल्ला देखकर कौन ऐसा है जिसकी जीभ पर उसका स्वाद तैरने नहीं लगता। मुझे नहीं पता कि बंगाल या उड़ीसा ने डायबिटीज के रोगियों के लिए शुगर फ्री रसगुल्लों का निर्माण किया है अथवा नहीं। सुना है कि बंगालियों को दूर देश जाकर रसगुल्ले की बहुत याद आती है। वहां पहुंचकर उनके लिए कोई रसगुल्ले का उपहार दे तो इससे बड़ी सौगात कोई नहीं। इन दिनों घर में रसगुल्ला लाओ तो बच्चे उड़ीसा और बंगाल में तब्दील हो जाते हैं।


