नक़वी को एक साल की सजा, मिली जमानत
नक़वी को एक साल की सजा, मिली जमानत
नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार में कुछ महीने पहले ही अल्पसंख्यक कल्याण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बने मुख्तार अब्बास नकवी को बुधवार को उत्तर प्रदेश के रामपुर की जिला अदालत ने एक बड़ा झटका दिया। पांच साल पहले थाने का घेराव करने और सड़क पर जाम लगाने के मामले में उन्हें अदालत ने एक साल की सजा सुनाई है। हालांकि साथ ही उन्हें जमानत भी मिल
अदालत ने नकवी को वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान निषेधाज्ञा के उल्लंघन का दोषी पाया और एक साल जेल की सजा सुनाई। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री 57 वर्षीय नकवी को बाद में जमानत मिल गई। आठ अन्य को नकवी के साथ ही मामले में दोषी करार दिया गया। सजा सुनाए जाने के वक्त नकवी अदालत में मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमानत मिलने के बाद नकवी ने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं. हम आदेश का अध्ययन करेंगे और उचित कानूनी कदम उठाएंगे।’’ न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने नकवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 341 और 342 का दोषी ठहराने के साथ ही आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 144 का दोषी ठहराया।
यह मामला 2009 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान से जुड़ा बताया जाता है। रामपुर लोकसभा क्षेत्र के पटवाई इलाके में नकवी ने भाजपा कार्यकर्ता रामपुर भाजपा इकाई के अध्यक्ष की गिरफ्तारी और पार्टी के एक वाहन को जब्त किए जाने का विरोध करते हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व किया था और इस दौरान उन्होंने वहां लागू निषेधाज्ञा आदेशों का कथित रूप से उल्लंघन किया और थाने में घुस गए। रहे थे। पुलिस ने नकवी सहित 200 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
अब नक़वी के ऊपर मंत्री पद छोड़ने को लेकर दबाव बढ़ गया है। मीडिया में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का बयान आया है कि नक़वी को मंत्री पद छोड़ देना चाहिए।
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