नई दिल्ली। क्या लखनऊ के 5 विक्रमादित्य मार्ग में सब-कुछ ठीक नहीं चल रहा है ? अब यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन वेलेंटाइन वीक का रविवार 9 फरवरी का दिन कुछ नए समीकरण लेकर सामने आया। कभी मुलायम सिंह यादव के भामाशाह रहे सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह और एक समय में नेता जी के हनुमान और लक्ष्मण रहे उनके अनुज शिवपाल सिंह यादव घंटों एक साथ रहे।
जी हां, रविवार को अमर सिंह के यहां एक निजी कार्यक्रम था जिससे पत्रकारों को दूर रखा गया था। लेकिन कानफूसी से यह बात सामने आई कि तमाम सिने जगत की हस्तियों और राजनीतिक जगत के स्तंभों के साथ शिवपाल सिंह यादव भी अमर सिंह के इस निजी कार्यक्रम में न केवल शामिल थे बल्कि कई घंटों तक अमर सिंह और शिवपाल एक साथ ही मेहमानों की आव-भगत में एक साथ खड़े रहे। बताया जाता है कि अमर सिंह भी शिवपाल का परिचय अपना छोटा भाई कहकर कराते रहे।
यूं तो निजी कार्यक्रमें में आना-जाना कोई खास खबर नहीं होती है, लेकिन मौजूदा समय में सपा की जो अंदरूनी खबरें बाहर आ रही हैं उन्हें देखते हुए शिवपाल और अमर सिंह का एक साथ आना खास मायने रखता है। दरअसल भतीजे अखिलेश के राजतिलक के बाद शिवपाल, पार्टी में लगातार उपेक्षित किए जा रहे हैं जबकि पार्टी को बनाने में उन्होंने अपना खून-पसीना बहा दिया था। उधर पार्टी पर मास्टर रामगोपाल हावी होते जा रहे हैं, और शायद शिवपाल और अमर सिंह के नज़दीक आने का यह एक महत्वपूर्ण कारण समझा जा रहा है।
मास्टर साहब के चलते ही अमर सिंह, सपा छोड़ने को मजबूर हुए थे और शिवपाल को किनारे किए जाने में भी मास्टर साहब की भूमिका मानी जाती है। हालांकि पिछले कुछ घटनाक्रमों के बाद 5, कालिदास मार्ग पर मास्टर साहब के नंबर भी कम हुए बताए जाते हैं और उनकी एक टिप्पणी को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सीधे अपमान के रूप में देखा गया जिसमें मास्टर साहब ने कह दिया था कि वे मुख्यमंत्री होते तो हड़तालियों को ठीक कर देते। अब देखना यह है कि क्या आने वाले दिनों में अमर-शिवपाल का यह मिलन कोई सियासी गुल खिलाएगा या सिर्फ औपचारिक निजी सम्बंध बनकर ही रह जाएगा।