मेधा पाटकर, शंटू, विजय और धुरजी भाई की तुरंत रिहाई की मांग

बिना पुनर्वास, मूलगांव खाली नहीं होंगे, प्रशासनिक दमन बंद करो

साथियों,

आप सभी पिछले कुछ महीनों से नर्मदा घाटी में हो रहे प्रशासनिक दमन की घटनाओं से वाकिफ हैं, खासकर 7 अगस्त को मेधा पाटकर और अन्य विस्थापितों का जबरन अस्पताल में भर्ती कर गैरकानूनी रूप से नजरबन्द किया जाना, फिर भारी संख्या में पुलिस बल का चिखल्दा धरना स्थल पर हमला और मेधा पाटकर पर झूठे केस लगाकर गिरफ़्तारी, जिसमें अपहरण का केस भी शामिल है। पुलिस द्वारा सैकड़ों विस्थापितों पर किये बर्बर/क्रूर लाठीचार्ज में 45 लोग घायल हुए जिसमें एक 15 साल की बच्ची भी शामिल थी।

विस्थापित/कार्यकर्ता धुरजी पिता बल्या (गाँव - निसरपुर), देवेन्द्र उर्फ़ शंटू पिता अम्बाराम (गाँव- निसरपुर), विजय पिता भरत (गाँव – खापरखेड़ा) की विभिन्न आरोपों में गिरफ़्तारी जिसमें ‘हत्या का प्रयास’ भी शामिल है, जनसंघर्षों को दबाने का दूसरा उदाहरण है। पिछले एक सप्ताह में नर्मदा बचाओ आन्दोलन के प्रमुख कार्यकर्ताओं पर भी कई FIR दर्ज किये जा चुके हैं और दूसरी तरफ फौजदारी अदालत में चल रही कार्यवाही भी गंभीर है खास तौर पर जहाँ राज्य सरकार मेधा पाटकर की जमानत के लिए उनका डूब प्रभावित क्षेत्रों में जाने पर पाबंदी की शर्त लगा रही है। यह सब इस ओर संकेत करता है कि राज्य सरदार सरोवर विस्थापितों के शांतिपूर्ण आन्दोलन को कुचलने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

नर्मदा घाटी के लोग इस असंवेदनशील शासन के खिलाफ अपनी साहसिक लड़ाई को अनवरत आगे बढा रहे हैं। 19 अगस्त को मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों समर्थकों के साथ लगभग 5000 विस्थापितों ने कुक्षी (मध्य प्रदेश) और नन्दुबार (महाराष्ट्र) की सड़कों पर उतरकर इस प्रशासनिक दमन को बंद करने और सम्पूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर रैली निकाली और प्रदर्शन किया, जिसमें अधिकांश महिलाएं थी।

हम आपके द्वारा पिछले कुछ महीनों से किये जा रहे देश भर में सैकड़ों और उससे अधिक समर्थन कार्यक्रमों के लिए आभारी हैं और आग्रह करते हैं कि संघर्ष के इस पड़ाव पर आप विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपना समर्थन जारी रखें।

हम आप सभी से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द अपने शहर/गाँव/ मोहल्ले/ बस्तियों में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से निन्न दो मांगों को लेकर समर्थन कार्यक्रम आयोजित करें –

1. मेधा पाटकर, धुरजी, शंटू, और विजय भाई की तुरंत बिना शर्त रिहाई की जाए और डूब प्रभावित गांवों में उनके प्रवेश पर रोक ना लगायी जाये, नर्मदा बचाओ आन्दोलन के दमन के लिए अपनाई जा रही सभी भय फैलाने वाली गतिविधियों को रोका जाए।

2. बिना पुनर्वास सरदार सरोवर विस्थापितों के मूलगांव खाली ना कराये जाए और सरकार द्वारा नर्मदा बचाओ आन्दोलन से बिना देरी संवाद किया जाए।

कृपया मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कॉल करके तथा ट्विटर अकाउंट में सन्देश भेजकर उक्त मांगों को मानने की मांग करें -

प्रधानमंत्री कार्यालय : @PMOIndia | [email protected] , [email protected] | 011-23012312

मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश: @ChouhanShivraj | [email protected] | 0755-2441033, 2441581, 2441096

अधिक जानकारी के लिए संपर्क :

हिमशी सिंह (9867348307) राहुल यादव (09179617513) मधुरेश (09818905316)