नहीं लिया सबक, सोनभद्र में फिर धँसी खदान
नहीं लिया सबक, सोनभद्र में फिर धँसी खदान
शिवदास
सोनभद्र। सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव दावा कर रहे हैं कि अवैध खनन पर रोक लगाई जा चुकी है। बताया जाता है कि पिछले दिनों उन्होंने पत्रकारों से ही प्रतिप्रश्न कर लिया था कि कहाँ हो रहा है खनन। लेकिन सफेदपोशों, राजनेताओं, पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों के नाम से आबंटित खनन पट्टों की आड़ में जिले में चल रहे अवैध खनन का घातक नजारा बुधवार की सुबह एक बार फिर देखने को मिला। बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र के बारी-डाला स्थित पत्थर की एक खदान से लगी करीब 100 फीट ऊँची पहाड़ी की चट्टानें जर्जर होकर गिर पड़ीं जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो गया और कंप्रेशर मशीनों समेत दो ट्रैक्टर जमींदोज हो गये।
अपुष्ट सूत्रों के अनुसार हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गयी है। हालाँकि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हादसे में किसी व्यक्ति के चोटिल होने अथवा मरने की खबर से साफ इंकार किया है।
मिली सूचना के अनुसार बुधवार की सुबह डाला पुलिस चौकी क्षेत्र के बारी गाँव स्थित अशोक कुमार सिंह नामक व्यक्ति की खदान में दो कम्प्रेशर मशीन लगाकर मजदूर विस्फोट करने के लिये पत्थर में होल कर रहे थे तभी खदान के पश्चिमी सिरे पर स्थित करीब सौ फीट ऊँची पहाड़ी की चट्टानें टूटकर गिरने लगीं। खदान में काम कर रहे मजदूर जान बचाकर भागे। कुछ ही देर में पहाड़ी का मलबा कंप्रेशर मशीनों समेत दो ट्रैक्टर-ट्रालियों पर जा गिरा। इससे वे मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गये।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी के मलबे की चपेट में कुछ मजदूर भी आ गये थे, जिनमें से एक मजदूर का पैर टूट गया है और उसका इलाज चोपन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। चर्चाओं को यदि सही मानें तो हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गयी है। हालाँकि जिलाधिकारी चंद्रकांत, अपर जिलाधिकारी मनीलाल यादव और उप-जिलाधिकारी आलोक कुमार ने हादसे में किसी व्यक्ति के चोटित होने अथवा मरने की खबर को सरासर बेबुनियाद बताया है। अपर जिलाधिकारी ( वित्त एवं राजस्व) मनीलाल यादव ने फोन पर हुयी वार्ता में यह तो स्वीकार किया कि बुधवार की सुबह जिस खदान में हादसा हुआ है, वह अशोक कुमार सिंह नाम के व्यक्ति की है और इस खदान का संचालन मुकेश गर्ग नाम का व्यक्ति कर रहा था। उन्होंने स्वीकार किया कि रक्षाबंधन का दिन होने की वजह से खदान में मजदूरों की संख्या कम थी, इसलिये कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों की मानें तो अशोक कुमार सिंह की खदान में काम करने वाले मजदूरों ने कुछ दिनों पहले खदान संचालक से पश्चिमी छोर पर स्थित पहाड़ी की घातक चट्टानों को हटाने की गुजारिश की थी लेकिन खदान संचालक ने उनकी बातों का संज्ञान नहीं लिया। हादसे के बाबत जिला खान अधिकारी राज कुमार संगम का कहना है कि बारी में खदान के धँसने की घटना काफी गम्भीर है। पिछले दिनों भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अधिकारी एसके सिंह की अगुआई में एक टीम ने अशोक कुमार सिंह की खदान का मुआयना किया था। उन्होंने उस खदान को खातक बताकर मौके पर मौजूद सर्वेयर से खदान के ऊपर लटक रही चट्टानों को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद उन्होंने उसकी अनदेखी की और वहाँ खनन कार्य चलता रहा। यह नियम के विरुद्ध है। हादसे के लिये जिम्मेदार सर्वेयर और खदान संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिला खान विभाग की ओर से उपलब्ध करायी गयी डोलो स्टोन के खनन पट्टों की सूची में अशोक कुमार सिंह पुत्र श्री अवध नारायण सिंह, निवासी-ए2, वीआईपी रोड, नगर पंचायत के सामने, ओबरा, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र के नाम से बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र स्थित अराजी संख्या-7536घ की 1.50 एकड़ भूमि पर खनन पट्टा आबंटित है। इस भूमि पर खनन की अवधि 30 मार्च 2007 से 29 मार्च 2017 तक है। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पायी है कि यह अराजी संख्या वही है, जिस पर खनन हादसा हुआ है।
बता दें कि पिछले साल 27 फरवरी को बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में ही शारदा मंदिर के पीछे स्थित इंद्रजीत मल्होत्रा आदि की भूमि पर हुये अवैध खनन की वजह से पत्थर की एक खदान धँस गयी थी। इसमें 10 मजदूरों की मौत हो गयी थी, जबकि कई मजदूर गम्भीर रूप से घायल हुये थे। उस हादसे की मजिस्ट्रेट जाँच अभी तक पूरी नहीं हो पायी है और ना ही हादसे में मरने वाले मजदूरों को शासन की ओर से मुआवजा मिला है।


