कैलास दास
जनकपुर। नेकपा एमाओवादी के अध्यक्ष तथा 22 दलीय गठबन्धन के संयोजक पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि नेपाल का भाग्य और भविष्य मधेशी जनता के हाथ में है।
शनिवार को जनकपुर के रंग भूमि मैदान में आयोजित 22 दलों की जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रचण्ड ने कहा कि मधेश में सात प्रदेश के प्रस्ताव को नेपाली कांग्रेस और एमाले ने अपनी अवधारणा नही छोड़ा तो मधेशी जनता अपनी सरकार खुद बनाएगी। उन्होंने कहा कि मधेसी, जनजाति, आदिवासी, मुस्लिम और माओवादी को माइनस करके संविधान लागू किया गया तो यह संविधन किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि काँग्रेस और एमाले ने अपनी गल्ती नहीं सुधारी तो मधेशी जनता अपनी सरकार बनाने के लिए स्वतन्त्र है। मधेशी जनता के हाथ में नेपाल का भाग्य और भविष्य है।
हम कभी नहीं डरे हैं और न डरेंगे ?
मधेशी जन अधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव सहित मधेशी नेताओं ने जब कहा कि जब तक प्रचण्ड जी हमारे साथ हैं, हम साथ रहेंगे, वह छोड़ देंगे तो हम भी प्रचण्ड जी को छोड़ देंगे, इस पर माओवादी नेता प्रचण्ड ने कहा कि हम कभी भी मधेशी जनता को धोखा नही देंगें। हम किसी से नहीं डरते थे और न ही डरते हैं। अगर हम डर गये होते तो जनयुद्ध होता ही नहीं। प्रचण्ड ने कहा कि मधेशी जनता को साक्षी रखकर 22 दल के नेतागण को कहना चाहूँगा कि हम तो आगे बढ़ चुके हैं, आप लोग मुझे मँझधार में नहीं छोड़िएगा ?
प्रचण्ड ने कहा मधेशी जनता ने हम पर विश्वास किया है। उन्होंने मधेशी जनता के अधिकार स्थापित कराने के लिए अन्तिम क्षण तक साथ रहने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की तथा आन्दोलन में कौन धोखा देता है कि नहीं का एक- एक हिसाब रखने के लिए मधेशी जनता से आग्रह भी किया।
एमाओवादी, नेता ने कहा - अन्तरिम संविधान की धारा 138 में राज्य पुनसंरचना में स्वायत्त मधेस प्रदेश लिखा जाएगा। प्रचण्ड ने कांग्रेस और एमाले के सात प्रदेश के प्रस्ताव अन्तरिम संविधान में फाड़कर फेकने की चेतावनी दी।
अध्यक्ष प्रचण्ड ने कड़े शब्दें में कहा कि कांग्रेस और एमाले ने अपने प्रस्ताव में सुधार नहीं किया तो मधेसी जनता को अपना सरकार खुद बनाने का अधिकार होगा और संयुक्त राष्ट्र संघ, भारत, चीन, यूरोप और अमेरिका 22 दल को समर्थन करेगा।
कांग्रेस और एमाले को प्रचण्ड ने सामन्तवाद और राजतन्त्र का पुच्छर एवं विषैले सर्प की संज्ञा दी।
सभा को मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल का अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, लोकतान्त्रिक का अध्यक्ष विजय कुमार गच्छेदार, तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी का अध्यक्ष महन्थ ठाकुर, सद्भावना का अध्यक्ष राजेन्द्र महतो, महेन्द्र यादव, बहुजन समाजवादी पार्टी का गंगाराम महरा, संघीय समाजवादी पार्टी का उपाध्यक्ष रिजवान अन्सारी, संघीय लिम्बुवान पार्टी का कुमार लिङ्गदेल सहित का नेतागण ने अपने-अपने विचार रखे।
साभार- हिमालिनी