नोटबंदी-ग्रामीण क्षेत्रों में दवा न मिलने अब हो सकती हैं मौतें
नोटबंदी-ग्रामीण क्षेत्रों में दवा न मिलने अब हो सकती हैं मौतें
ग्रामीण क्षेत्रों में दवा न मिलने अब हो सकती हैं मौतें
मसीहुद्दीन संजरी
आजमगढ़, 21 नवंबर। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा दवा विक्रेताओं का स्टाक खत्म होता जा रहा है।
थोक व्यापारियों ने दवा की आपूर्ति बंद कर दी है। उनका कहना है कि आगे से माल नहीं मिल रहा है।
आज यह संवाददाता स्वयं दवा लेने मेडिकल स्टोर पर गया तो आमतौर बिकने वाली कालपॉल की टिकिया भी खत्म हो चुकी थी। दिल के रोग में काम आने वाली दवा Monit खत्म हो चुकी थी और उसका कोई बदल भी नहीं था।
इस संवाददाता के सामने ही मेडिकल स्टोर वाले ने अपने थोक व्यापारी से फोन पर बात की तो उसने दवाओं की सप्लाई से साफ इनकार कर दिया और बताया कि वह तो दुकान बंद करके लखनऊ घूम रहा है, क्योंकि उसे सामने से माल ही नहीं मिल रहा है।
जिस तेज़ी से स्टाक खत्म होता जा रहा है और दवाओं की आपूर्ति बंद है अगर स्थिति को संभाला नहीं गया तो आने वाले दिन बहुत भयावह हो सकते हैं जब बीमारों का जीवन दवाओं के अभाव में संकट में पड़ जाएगा।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों में बाज़ार सामान्य हो जाएगा ऐसे कोई लक्षण नज़र नहीं आते। इसलिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों को इस दिशा में ठोस और त्वरित कदम उठाने चाहिए।
In rural areas, no drug may be cause of deaths


