नोट्स पर चिप्स लगने की अफवाह उड़ाने वाले गुरुमूर्ति अब रिजर्व बैंक के निदेशक बने हैं, यह है एंटायर अर्थशास्त्र
नोट्स पर चिप्स लगने की अफवाह उड़ाने वाले गुरुमूर्ति अब रिजर्व बैंक के निदेशक बने हैं, यह है एंटायर अर्थशास्त्र
नोट्स पर चिप्स लगने की अफवाह उड़ाने वाले गुरुमूर्ति अब रिजर्व बैंक के निदेशक बने हैं, यह है एंटायर अर्थशास्त्र
स्वदेशी जागरण मंच के छोटे सदर भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक बनाये गए हैं, चार साल के लिए।
कौन हैं एस. गुरुमूर्ति
गुरुमूर्ति। पत्रकार हैं, जासूस हैं, बड़ी खबर उड़ाने के माहिर हैं। सबसे कमाल का बयान आया है, एक पैर उठाये हुए - सर्वोच्च न्यायालय ने सबरी मंदिर में महिला प्रवेश देकर आपदा बुला ली है।
क्या कहेंगे इन्हें ? एक से बढ़ कर एक निकल रहे हैं।
गुरुमूर्ति को सबसे बेहतर काम दिया था मरहूम रामनाथ गोयनका ने। काम था जासूसी का - धीरू भाई अम्बानी की त्वरित तरक्की का राज क्या है ? रिपोर्ट जो भी रही हो वहां से बैरंग वापस किये गए। बोफोर्स में फिर आये। यह लंबी घटना है। 2018 में नया रंग शुरू किया - बोले - कीर्ति चिदम्बरम्ब को जिस जज मुरलीधर ने बरी किया वह पी चिदंबम के जूनियर रहे हैं बड़ी अदालत ने गुरुमूर्ति को डपट कर सीधा खड़ा किया और इस झूठ पर सजा तय करने की जिम्मेवारी बार एसोसिएशन और सालिसीटर जनरल को दिया।
सबसे दिलचस्प अफवाह आप को याद होगी जिस पर सरकार को सफ़ाई देना पड़ा कि नोट्स पर चिप्स लगे हैं। यह चिप्स वाले गुरुमूर्ति अब रिजर्व बैंक के निदेशक बने हैं।
यह है एंटायर अर्थशास्त्र।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। बीएचयू छात्र संघ के अयक्ष रहे हैं। उनकी एफबी टिप्पणी)


