इलाहाबाद हाईकोर्ट के डेढ़ सौवें साल पर आयोजित समारोह का राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया उद्घाटन
दस रुपये का सिक्का और दो डाक टिकट जारी किए
रतिभान त्रिपाठी
इलाहाबाद, 13 मार्च। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सुलभ न्याय पर जोर देते हुए कहा है कि न्याय की दिशा तभी सही हो सकती है जबकि सभी को जल्द न्याय मिले। इसके लिए न्यायपालिका और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
राष्ट्रपति आज यहां इलाहाबाद हाईकोर्ट के डेढ़ सौवें साल पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने दस रुपये के दो सिक्के और दो डाकटिकट भी जारी किए।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश में न्याय व्यवस्था सर्व सुलभ होनी चाहिए। मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए केंद्र सरकार दृढ़ संकल्प है और काफी कुछ किया जा रहा है। बार और बेंच को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश के चौबीस उच्च न्यायालयों में कई लाख मुकदमे लंबित पड़े हैं। देश की जनसंख्या का छठवां हिस्सा इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायिक क्षेत्राधिकार में आता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय, मोती लाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, केएन काटजू जैसे विद्वान अधिवक्ताओं का यह कर्मक्षेत्र रहा है। यहीं की न्यायिक परंपरा का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने भी लंबित मुकदमों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि न्यायपालिका के समक्ष कई चुनौतियां हैं। यह चुनौतियां बाहरी भी हैं और आंतरिक भी हैं। बाहरी चुनौतियों का सामना तो आसानी से किया जा सकता है, लेकिन आंतरिक चुनौतियां काफी गंभीर हैं और न्यायिक प्रक्रिया के सामने बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही दस लाख से अधिक मामले लंबित हैं जो चिंताजनक हैं।
केंद्रीय विधि मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि न्यायपालिका का सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार हर स्तर पर सहयोग दे रही है। अदालतों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दस्तावेजों डिजिटाइजेशन को उन्होंने सार्थक प्रयास बताया।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि सरकार के तीनों अंगों विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के सामंजस्य जरूरी है। देश में सुशासन के लिए यह सामंजस्य आवश्यक है। इलाहाबाद हाईकोर्ट को उन्होंने रूल आफ ला का जीता-जागता प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की ओर से न्यायिक क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर सहयोग के लिए तत्पर है और इसी नजरिए से बजटीय प्रावधान बढ़ाए गए हैं। वकीलों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं पर भी सरकार का जोर है।
इससे पहले हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड ने राष्ट्रपति समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में आधुनिकीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने अतिथियों का आभार जताया।

#PresidentMukherjee inaugurated the Sesquicentennial Celebrations of High Court of Judicature at Allahabad today pic.twitter.com/ctqdlzUFL6
— President of India (@RashtrapatiBhvn) March 13, 2016

देशबन्धु