पाश ज़िन्दा होते तो उनके साथ भाग जाती !
पाश ज़िन्दा होते तो उनके साथ भाग जाती !
" सबसे खतरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना. "
पंजाब में 'पाश' अपनी क्रांतिकारी कविता के लिए और ' आलोक धन्वा ' ' गोली दागो पोस्टर ' के लिए मशहूर हो चुके थे.
1972 में जब वे 'पाश' के ही गांव तलवंडी सलेम में गिरफ्तार हुए उस समय यह बच्ची यानी मैं बिहार के एक छोटे से कस्वे 'गया नवादा' में अपनी माँ के आंचल में दूध पी रही थी. तब कहाँ सोचा था कि एक दिन 'पाश' की कविता यहाँ आप सबके लिएं पढूंगी.
हाँ, यह बात और है कि जब पहली बार 'पाश' को पढ़ा तो मन में यह ख्याल आया कि - पाश ज़िन्दा होते तो उनके साथ भाग जाती.
लीजिये सुनिए -
असीमा भट्ट
असीमा भट्ट की फेसबुक टाइमलाइन से साभार
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