पुंछ ने विलय दिवस मनाया
भीमसिंह ने तिरंगा झंडा फहराया
पुंछ/राजौरी, 27 अक्टूबर, 2015। आज सुबह पुंछ राजा के दरबार में सैंकड़ों पुंछवासियों ने इकट्ठा होकर पूरे पुंछ में तिरंगे झंडें लहराए और 68 वर्ष पहले महाराजा हरिसिंह के हस्ताक्षर के तहत पुंछ का भारत संघ में विलय को याद किया। जम्मू-कश्मीर की पुंछ और चिनैनी रियासतें 27 अक्टूबर, को भारत का हिस्सा बनी थीं।

पैंथर्स सुप्रीमो प्रो. भीमसिंह ने 1947-48 तक पाकिस्तानी सेना के कब्जे के 68 वर्ष पुराने इतिहास को राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय झंडा फहराया।

प्रो. भीमसिंह ने पुंछ के नेता श्री गुलाम कादिर बांडे को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पाकिस्तानी ताकतों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था।

प्रो. भीमसिंह ने कर्नल. हीरा नंद दुबे, कैप्टन दीवान सिंह और अन्य अनेकों के नेतृत्व की सराहना की, जिनके नेतृत्व ने पाकिस्तानी सेनाओं को वापस खदेड़ दिया था। प्रो. भीमसिंह ने ब्रिगेडियर प्रीतम सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने पाकिस्तानी आक्रमणकारियों के खिलाफ जीत दिलाकर पुंछ के लोगों का इतिहास रचा था।

सुश्री अनीता ठाकुर ने युवाओं, छात्रों, महिलाओं और किसानों से जम्मू राज्य की स्थापना के लिए बलिदान देेने के लिए तैयार होने की अपील की।

राजौरी में पैंथर्स जिला अध्यक्ष श्री गुलाम मुस्तफा वानी ने जम्मू-कश्मीर लोगों से अपील की कि हमें पैंथर्स आंदोलन में शामिल होकर जम्मू प्रदेश और कश्मीर घाटी राज्य स्थापित करने की वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर अभिन्न हिस्सा हैं और हमें सच्चाई स्वीकार करनी होगी। उन्होंने भारत की समन्वित संस्कृति को बनाए रखने की पैंथर्स पार्टी प्रतिबद्धता की सराहना की।

गौरतलब है कि राजौरी 1947 में पुंछ राज्य का हिस्सा था। ये दोनों जिले राजौरी और पुंछ, पाकिस्तान से सटे हैं, जहां पाकिस्तान की तरफ से लगातार गोलाबारी होती रहती है।

प्रो. भीमसिंह ने पुंछ और राजौरी के लोगों की देश की एकता, अखंडता और सार्वभौमिकता को बचाए रखने के लिए प्रशंसा की, जो लगातार गोलीबारी का सामना कर रहे हैं।