पूरे उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम-आपातकाल की 40 वीं बरसी पर पीयूसीएल कानपुर का विरोध प्रदर्शन
पूरे उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम-आपातकाल की 40 वीं बरसी पर पीयूसीएल कानपुर का विरोध प्रदर्शन
आपातकाल की 40 वीं बरसी पर पीयूसीएल कानपुर का विरोध प्रदर्शन।
कानपुर। पीयूसीएल कानपुर द्वारा 25 जून 1975 के आपातकाल को याद करते हुए मौजूदा परिस्तिथियों में व्याप्त दमन एवं तानाशाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन भारत माता मंदिर, बड़े चौराह पर किया गया। विरोध प्रदर्शन के माध्यम से पीयूसीएल कानपुर ने उत्तर प्रदेश सरकार के पत्रकार जगेन्द्र हत्या मामले में जल्द न्याय और बढ़ती तानाशाही पर रोक लगाने की अपील की।
इस अवसर पर मौजूद पीयूसीएल कानपुर के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय चावला ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरह से सामजिक कार्यकर्त्ता, RTI कार्यकर्त्ता एवं पत्रकारों पर हमले किये जा रहे हैं और उनसे उनकी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को छीना जा रहा है, लेखकों की किताबों पर पाबन्दी लगा देना, लोगों के विरोध को दबा देना, यह सब किसी आपातकाल से कम नहीं है। वहीँ पीयूसीएल कानपुर इकाई के अध्यक्ष आलोक अग्निहोत्री ने कहा कि पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या के बाद भी हत्यारोपी मंत्री की गिरफ्तारी न करके, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह साबित कर दिया है कि पूरे प्रदेश में किस तरह से जंगलराज कायम है, जहाँ लोगों से बोलने और लिखने की आज़ादी को छीन लिया गया है।
पीयूसीएल कानपुर इकाई प्रवक्ता केएम भाई ने आपातकाल को भारतीय इतिहास के लिए काला दिवस बताते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि आजादी के इन 67 सालों के बाद भी भारत दमन और गुलामी के चंगुल से छूट नहीं पा रहा है। युवा भारत संगठन के सदस्य कैलाश ने अपने वक्तव में उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए, पत्रकार जगेन्द्र सिंह और संदीप कोठारी की हत्या मामले में न्याय की मांग करी।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे महामंत्री तौहीद ने बढ़ते दमन और तानाशाही के खिलाफ लोगों से एकजुट होने की अपील की। और इन्कलाब जिंदाबाद, इन्लाब जिंदाबाद के नारे लगाये।
इस अवसर पर मनोज तिवारी, सुरेश आर्या, सतीश, यौगेन्द्र सिंह जादौन, रामशंकर , कैलाश, अलोक अग्निहोत्री, विजय चावला, तौहीद, रौबी शर्मा, कुसुम, नईम, वासिफ, विजय शंकर, अनिल बाबा आदि मौजूद रहे।


