राजीव मित्तल

इन दिनों एक चैनल पर पेशवा बाजीराव पर बने सीरियल का प्रोमो इस प्रकार है…

जिस समय (सन् 1700) बाजीराव का जनम हुआ.. उस समय पूरा देश मुग़लों के अत्याचारों से त्राहिमाम कर रहा था.. बाजीराव ने अवतार लिया और देश को मुग़लों के अत्याचारी शासन से राहत दिलायी।

कसम से.. सीरियल बनाने वाले अनपढ़ इनसान को उ...... कहने का मन कर रहा है..

अरे बेहूदे आदमी जब बाजीराव का जनम हुआ तो मुग़ल सत्ता अंतिम दिन गिन रही थी.. शिवाजी महाराज .. औरंगज़ेब का बाजा बजा कर दुनिया छोड़ चुके थे...और मराठा दिन ब दिन शक्तिशाली होते जा रहे थे।

उस बेवकूफ़ इनसान ने अंग्रेजों का ख़तरा नहीं देखा जो उस समय देश पर बुरी तरह मंडरा रहा था। उसे अंग्रेजों के षड्यंत्र दिखायी नहीं दिये जो देश के टुकड़े कर रहे थे।

यही है संघी मानसिकता.. जिसने अंग्रेजों को कभी देश का दुश्मन नहीं माना.. और उनके लिये 1857 से ही न जाने कितनी बार देश से गद्दारी की...